cockroach janta party said time to fulfill first promise against corruption पहला वादा पूरा करने का समय आ गया, 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने मांगे भ्रष्टाचारियों के नाम, India News in Hindi - Hindustan
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पहला वादा पूरा करने का समय आ गया, 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने मांगे भ्रष्टाचारियों के नाम

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की तरफ से कहा गया है कि अब पहला वादा पूरा करने का समय आ गया है। इसलिए भ्रष्टाचारी अधिकारियों के नाम, दस्तावेज, फोटो और वीडियो भेजें। बता दें कि इस प्लैटफॉर्म के संस्थापक अभिजीत दीपके हैं।

Fri, 22 May 2026 12:42 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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पहला वादा पूरा करने का समय आ गया, 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने मांगे भ्रष्टाचारियों के नाम

सीजेआई सूर्यकांत की बेरोजगार युवाओं पर की गई एक टिप्पणी के बाद 'कॉक्रोच जनता पार्टी' ने सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड ही तोड़ दिए। इस कथित पार्टी ने इंस्टाग्राम पर दो ही दिन में बीजेपी और कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया। वहीं सीजेपी के एक्स हैंडल को भारत में बैन कर दिया गया। इसके बाद भी अन्य देशों में हैंडल ऐक्टिव है। इस प्लैटफॉर्म को शुरू करने वाले अभिजीत दीपके ने कहा है कि अब अपना पहला वादा पूरा करने का समय आ गया है।

उन्होंने पत्रकारों और आम जनता से अपील कीहै कि सबसे पहले जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करना होगा। उन्होंने कहा, हमें अपनी समस्याएं, सुझाव, दस्तावेज, फोटो, वीडियो, जगहें, विभागों के नाम और भ्रष्टाचारा में लिप्त अधिकारियों के नाम भेजें। बता दें कि इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फॉलोअर 1 करोड़ 90 लाख से भी ज्यादा हो गए हैं। वहीं बीजेपी के फॉलोअर्स की संख्या 1 करोड़ से भी कम है।

क्या हैं पार्टी के तीन उद्देश्य

कॉकरोच जनता पार्टी ने भारतीय राजनीतिक व्यवस्था की विफलता का दावा करते हुए कहा था कि यहां युवाओं की अनदेखी हो रही है। पार्टी ने अपने तीन लक्ष्य बताए हैं।

पहला लक्ष्य राजनीतिक विमर्श में बदलाव करना बताया गया है। सीजेपी ने कहा है कि कई वर्षों से भारत की राजनीति हिंदू-मुस्लिम जैसे ध्रुवीकरण के मुद्दों पर टिटकी रहती है। ऐसे में असल मुद्दों जैसे कि रोजगार, एसआई शिक्षा, उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा की ओर राजनीति की धारा शिफ्ट करनी है।

दूसरा लक्ष्य व्यवस्था की जवाबदेही तय करना बताया गया है। इसके मुताबिक अगर युवाओं को लगता है कि सिस्टम उनपर ध्यान नहीं दे रहा है तो वह सिस्टम से जवाब मांग सकता है। तीसरा उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओँ की स्वतंत्रता को बताया गया है। सीजेपी ने कहा कि भारत में न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं की स्वतंत्रता बहुत ही आवश्यक है।

क्या है पार्टी का 5 सूत्रीय घोषणापत्र

पार्टी ने अपना एक पांच सूत्रीय घोषणापत्र भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि किसी भी मुख्य न्यायाधीश को रिटायरमेंट के बाद इनाम के तौर पर कोई सरकारी पद या फिर राज्यसभा की सीट ना दी जाए। दूसरी बात जायज वोटों को काटने पर चुनाव आयुक्तों को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया जाए। तीसरा महिलाओं को कैबिनेट और संसद में 33 फीसदी नहीं बल्कि 50 फीसदी आरक्षण दिया जाए। चौथा पाला बदलने वाले सांसदों और विधायकों पर 20 साल का चुनावी प्रतिबंध लगाया जाए। पांचवां प्रभावशाली उद्योगपतियों के स्वामित्व वाले मीडिया संस्थानों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए।