what was DK Shivkumar and CCD Founder VG Siddhartha relation, Why IT Raid on his premises in Karnataka suicide note डीके शिवकुमार से क्या था CCD के मालिक का रिश्ता, घर पर पड़ा था IT का छापा; नदी में कूदकर क्यों दे दी थी जान?, India News in Hindi - Hindustan
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डीके शिवकुमार से क्या था CCD के मालिक का रिश्ता, घर पर पड़ा था IT का छापा; नदी में कूदकर क्यों दे दी थी जान?

सिद्धार्थ और डीके शिवकुमार बहद करीबी दोस्त थे। दोनों परिवारों के बीच मित्रता थी। दोनों ही लोग राज्य के वोक्कलिगा समुदाय से आते थे। उनके लापता होने पर तब कांग्रेस के बड़े नेता डी के शिवकुमार ने इसके पीछे बड़ी साजिश के आरोप लगाए थे।

Thu, 28 May 2026 03:13 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु
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डीके शिवकुमार से क्या था CCD के मालिक का रिश्ता, घर पर पड़ा था IT का छापा; नदी में कूदकर क्यों दे दी थी जान?

बात जुलाई 2019 की है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस एम कृष्णा के दामाद और भारत की सबसे बड़ी कॉफी चेन कंपनी कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक और संस्थापक वीजी सिद्धार्थ बेंगलुरु से अचानक लापता हो जाते हैं। दो दिन बाद बेंगलुरु से करीब 375 किलोमीटर दूर मंगलौर के करीब नेत्रावती नदी से उनकी लाश बरामद होती है। वहां तक वह अपनी कार में ड्राइवर के साथ पहुंचे थे। फिर ड्राइवर से कुछ कहकर कार से उतर गए थे और अचानक लापता हो गए थे। दो दिन बाद उनकी लाश बगल की नदी से बरामद हुआ था। इस तरह 58 साल के मशहूर बिजनेसमैन का त्रासद अंत हो जाता है। लापता होने से पहले वीजी सिद्धार्थ ने कंपनी बोर्ड को एक निराशाभरी चिट्ठी लिखी थी।

उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें भारी कर्ज और वित्तीय दबाव में होने की बात का उल्लेख किया था। उनकी कंपनी पर तब करीब 7000 करोड़ रुपये का कर्ज था। नोट में उन्होंने प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर्स और आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया था। आयकर विभाग के अधिकारियों ने 2017 में उनके ठिकानों पर रेड मार कर 650 करोड़ रुपये का टैक्स चोरी का आरोप लगाया था।

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डीके शिवकुमार के ठिकानों पर भी पड़ी थी रेड

आयकर विभाग ने तब सिद्धार्थ के बेंगलूरु, हासन, चेन्नई और मुंबई समेत देशभर में लगभग 25 स्थानों पर छापेमारी की थी। इससे पहले अगस्त में कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। इन छापों के बाद कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे। इससे पहले भी शिवकुमार के 39 ठिकानों पर रेड मारी गई थी, जिसमें 10 करोड़ कैश बरामद किया गया था। बता दें कि डीके शिवकुमार ही वह शख्स थे जिन्होंने गुजरात के 44 विधायकों की बेंगलुरु में अपने रिजॉट में मेहमनानवाजी की थी ताकि गुजरात के राज्यसभा चुनाव में भाजपा को हराया जा सके।

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डीके शिवकुमार से क्या रिश्ता?

दरअसल, वीजी सिद्धार्थ और डीके शिवकुमार बहद करीबी दोस्त थे और दोनों परिवारों के बीच मित्रता थी। दोनों ही लोग राज्य के वोक्कलिगा समुदाय से आते थे। उनके लापता होने पर तब कर्नाटक कांग्रेस के बड़े नेता डी के शिवकुमार ने इसके पीछे बड़ी साजिश के आरोप लगाए थे। डीके शिवकुमार ने दावा किया था कि इस मामले में कुछ "गड़बड़" है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "मुझे यह मामला बेहद संदिग्ध लग रहा है और मैं मांग करता हूं कि इस मामले की पूरी तरह से जांच की जाए।" डीके शिवकुमार ने उनके सुसाइड नोट पर भी आशंका जताई थी और उसे संदिग्ध करार दिया था।

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शिवकुमार से नजदीकी होने की वजह से उत्पीड़न?

तब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि डीके शिवकुमार से नजदीकी होने की वजह से ही वीजी सिद्धार्थ को केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। पार्टी नेतृत्व से नजदीकी रखने वाले और कई मौकों पर पार्टी के लिए संकटमोचक बने डीके शिवकुमार अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने की राह पर हैं। राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर पद छोड़ने का फैसला किया है। अब से थोड़ी देर पहले ही उन्होंने लोकभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। माना जा रहा है कि डी के शिवकुमार अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।