कुर्सी छोड़ेंगे सिद्धारमैया, भावुक हुए डीके शिवकुमार; राहुल के कहने पर इस्तीफा दे रहे सीएम?
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा! राहुल गांधी के निर्देश के बाद डीके शिवकुमार को कमान सौंपने की तैयारी। पढ़ें ब्रेकफास्ट मीटिंग की पूरी इनसाइड स्टोरी।

कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने आवास पर आयोजित एक ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान अपने कैबिनेट सहयोगियों को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी दी है।
इस अहम बैठक में मौजूदा उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद के संभावित उत्तराधिकारी डी. के. शिवकुमार सहित कैबिनेट के अन्य सदस्य मौजूद थे। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में इस दौरान के बेहद भावुक पल देखे जा सकते हैं। एक तस्वीर में सिद्धारमैया भावुक डी. के. शिवकुमार को गले लगाते दिख रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में सीएम पद के दावेदार शिवकुमार, सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं।
इस्तीफे का कारण और आलाकमान का निर्देश
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता साफ करने को कहा था। इसी निर्देश के बाद उन्होंने पद छोड़ने का मन बनाया है। ऐसी खबरें हैं कि पार्टी ने उन्हें राज्यसभा सीट के साथ केंद्र में एक अहम भूमिका की पेशकश की है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार सिद्धारमैया ने तत्काल इस केंद्रीय भूमिका को स्वीकार नहीं किया है।
राहुल गांधी का सीधा संदेश
कुछ सूत्रों का यह भी कहना है कि सिद्धारमैया ने पद छोड़ने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि यह संदेश सीधे शीर्ष नेता राहुल गांधी की तरफ से आया था। सिद्धारमैया पहले भी कई बार सार्वजनिक तौर पर कह चुके थे कि यदि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) उनसे कहेंगे, तो वे अपना पद छोड़ देंगे।
दिल्ली में हुई अहम बैठकें
इस फैसले की पृष्ठभूमि मंगलवार को ही तैयार हो गई थी, जब सिद्धारमैया और डी. के. शिवकुमार को पार्टी द्वारा दिल्ली तलब किया गया था। वहां कांग्रेस मुख्यालय में लगातार कई बैक-टू-बैक बैठकें हुईं। इन बैठकों में कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, और पार्टी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल व रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद थे।
राज्यपाल से मुलाकात को लेकर असमंजस
इस्तीफा सौंपने की प्रक्रिया को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आई हैं:
CMO के अनुसार: मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि पार्टी आलाकमान के निर्देश के बाद सीएम ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है।
लोक भवन के अनुसार: लोक भवन के सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया ने अभी तक राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय नहीं मांगा है। फिलहाल, राज्यपाल निजी कारणों से अपने गृह नगर इंदौर गए हुए हैं।
पार्टी का आधिकारिक रुख (रणदीप सिंह सुरजेवाला का बयान)
राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर बढ़ती सरगर्मियों के बीच, कर्नाटक के कांग्रेस प्रभारी और AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्य में अपने विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई है और अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने मीडिया से इस मुद्दे पर अटकलें न लगाने का अनुरोध भी किया। बुधवार को बेंगलुरु पहुंचने के बाद सुरजेवाला ने सिद्धारमैया और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की थी।
क्या है 'रोटेशनल सीएम' फॉर्मूला?
मई 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के बीच कड़ी टक्कर थी। उस समय पार्टी ने शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाकर विवाद सुलझाया था। उस दौरान ऐसी खबरें थीं कि दोनों नेताओं के बीच 'रोटेशनल चीफ मिनिस्टर' (ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री रहने) के फॉर्मूले पर समझौता हुआ है। 20 नवंबर 2025 को कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा (ढाई साल) समय पूरा कर लिया था, जिसके बाद से ही इस नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। हालांकि, पार्टी ने कभी इस फॉर्मूले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी।




साइन इन