पश्चिम बंगाल में 'पुलिस वेलफेयर बोर्ड' भंग, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ऐक्शन
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस वेलफेयर बोर्ड को भंग कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को इसका ऐलान करते हुए कहा कि इसे अच्छे उद्देश्य के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यह केवल एक पार्टी का फ्रंटल संगठन बनकर रह गया है।

CM Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पद संभालने के बाद से ही ऐक्शन में हैं। प्रशासन में लगातार फेरबदल कर रहे मुख्यमंत्री ने शनिवार को पुलिस वेलफेयर बोर्ड को भंग करने का निर्देश दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस वेलफेयर बोर्ड जिस उद्देश्य के लिए बनाया गया था, वह उसकी पूर्ति करने में असमर्थ रहा है। वह केवल एक पार्टी का फ्रंटल संगठन बन गया है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि 'राज्य में अब तक शासकों का कानून चलता था, अब से कानून का शासन चलेगा।'
साउथ 24 परगना के डायमंड हार्बर में एक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के ऊपर होने वाले हमलों की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। वेलफेयर बोर्ड को भंग करने की घोषणा करते हुए सीएम ने कहा कि इससे लोगों ने व्यक्तिगत लाभ उठाए हैं। उन्होंने कहा, "पुलिस वेलफेयर बोर्ड को अच्छे उद्देश्य के लिए बनाया गया था, लेकिन बाद में यह केवल एक राजनीतिक दल का फ्रंटल संगठन बनकर रह गया है। इससे पुलिसवालों को कितना भला हुआ, इसका मुझे नहीं बता लेकिन यह अवैध सेवा विस्तार पाने का स्थान बन गया है। कुछ लोगों ने इससे व्यक्तिगत लाभ उठाया है। इसलिए इसे हम भंग कर रहे हैं।"
महिला पुलिसकर्मियों को गृह जिले में पोस्टिंग: सीएम शुभेंदु
मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने महिला पुलिसकर्मियों को भी राहत देने वाला ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि महिला पुलिसकर्मियों को उनके गृह जिलों में तैनाती में प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे अपने पेशेवर और व्यक्तिगत दायित्वों के बीच बेहतर संतुलन बना सकें। इसके अलावा सीएम ने पुलिस से बांग्लादेशी सीमा पर घुसपैठ के प्रति भी सतर्क रहने के लिए कहा।
अवैध वसूली तुरंत बंद हो: सीएम अधिकारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में चल रही अवैध वसूली को लेकर भी अपनी सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि ऑटो-रिक्शा और टोटो (ई-रिक्शा) चालकों से अवैध वसूली तुरंत बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “पुलिस शिकायतों की जांच करेगी और उसी के अनुसार कार्रवाई करेगी।” साथ ही लोगों से ऐसे किसी भी मामले की शिकायतें दर्ज कराने की अपील की।
आपको बता दें, शपथ लेने के बाद से ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ऐक्शन में है। उन्होंने राज्य में चल रहे अवैध वसूली के अड्डों पर जमकर ऐक्शन लिया है। इसके अलावा पिछली सरकार के दौरान सत्ता से करीबी रखने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर भी जमकर ऐक्शन हुआ है। शुक्रवार को ही मुख्यमंत्रियों ने आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में ढिलाई करने के आरोप में आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।




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