3 IPS Officers and 2 Jail Officials Suspended in Bengal; Suvendu Takes Swift Action Mamata Also on target बंगाल में 3 IPS और 2 जेल अधिकारी सस्पेंड, शुभेंदु का ताबड़तोड़ ऐक्शन, ममता भी निशाने पर, India News in Hindi - Hindustan
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बंगाल में 3 IPS और 2 जेल अधिकारी सस्पेंड, शुभेंदु का ताबड़तोड़ ऐक्शन, ममता भी निशाने पर

आपको बता दें कि कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व उपायुक्त इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को उनके खिलाफ शुरू की गई विभागीय जांच के मद्देनजर निलंबित करने का आदेश दिया गया है।

Sat, 16 May 2026 06:21 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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बंगाल में 3 IPS और 2 जेल अधिकारी सस्पेंड, शुभेंदु का ताबड़तोड़ ऐक्शन, ममता भी निशाने पर

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार लगातार कड़े और बड़े प्रशासनिक फैसले ले रही है। इसी कड़ी में कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा में बड़ी चूक को लेकर मुख्यमंत्री ने एक के बाद एक कई कड़े कदम उठाए हैं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की घटना को लेकर भी राजनीति और प्रशासनिक हलचल तेज है। इस मामले की फाइलें दोबारा खुलने और जांच की आंच तेज होने के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी करने की कोशिशों के बीच मुख्यमंत्री ने जांच में लापरवाही बरतने वालों पर सीधा प्रहार किया है।

जांच में ढिलाई और मामले को सही तरीके से न संभालने के आरोप में कोलकाता पुलिस के पूर्व कमिश्नर सहित 3 वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया है कि 'अभया' को न्याय दिलाने के रास्ते में आने वाली किसी भी कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, "दो पुलिस अधिकारी मामले को रफा-दफा करने के लिए 'पेमेंट' करना चाहते थे!" उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों की अब दाल नहीं गलने वाली है।

आपको बता दें कि कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व उपायुक्त इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को उनके खिलाफ शुरू की गई विभागीय जांच के मद्देनजर निलंबित करने का आदेश दिया गया है।

जेल में कैदियों के हाथ में स्मार्टफोन

एक अन्य बड़े घटनाक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जेल सुरक्षा के साथ समझौता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रेसीडेंसी जेल के भीतर कैदियों द्वारा धड़ल्ले से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की बात सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यह बात सामने आई थी कि शाहजहां जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी जेल की सलाखों के पीछे से भी स्मार्टफोन के जरिए अपना नेटवर्क चला रहे थे। मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर प्रशासन से सवाल किया, "आखिर जेल में सजा काट रहे कैदियों के पास फोन कैसे पहुंच रहे हैं और वे इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं?"

जेल अधिकारियों की मिलीभगत और सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रेसीडेंसी जेल के सुपर और चीफ कंट्रोलर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश के बाद जेल में दोपहर 2 बजे से ही मोबाइल और नेटवर्क के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही मुख्य सचिव को पूरे मामले की गहन जांच करने और जेलों में सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है।