चुनाव से पहले खुद को पुष्पा बताने वाले जहांगीर खान पहुंचे हाई कोर्ट, फालता में रीपोलिंग से पहले क्या मांग
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है। इस पर जहांगीर खान के वकील दत्ता ने गृह सचिव को नोटिस देने की इजाजत मांगी और कहा, 'मैं बिना किसी राहत के नहीं रह सकता।'

पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को मतदान होना है। इससे पहले सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान की याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। जहांगीर ने अपने खिलाफ दर्ज सभी FIR की जानकारी सार्वजनिक करने और चुनाव तक किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने की मांग की है। उनके वकील किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष मामले को रखा और कहा कि चुनाव के दौरान उनके मुवक्किल को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
किशोर दत्ता ने अदालत में कहा, 'हर दिन जहांगीर खान के खिलाफ नए आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं।' उन्होंने दलील दी कि जहांगीर को कानूनी उपाय अपनाने का पूरा अधिकार है, लेकिन उनके खिलाफ दर्ज सभी FIR की जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जानी चाहिए। दत्ता ने यह भी बताया कि एक मामला वर्ष 2017 का है, जबकि कई अन्य मामले बाद के वर्षों में दर्ज किए गए हैं। अदालत ने जब पूछा कि याचिकाकर्ता किस प्रकार की राहत चाहते हैं, तब दत्ता ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि सभी एफआईआर की जानकारी मुझे दी जाए। चूंकि मेरा मुवक्किल चुनाव लड़ रहा है, इसलिए चुनाव समाप्त होने तक उसे किसी भी जबरदस्ती की कार्रवाई से सुरक्षा दी जाए।'
दलीलें सुनकर कोर्ट ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है। इस पर दत्ता ने गृह सचिव को नोटिस देने की इजाजत मांगी और कहा, 'मैं बिना किसी राहत के नहीं रह सकता।' शुरुआत में अदालत ने सुझाव दिया कि मामले को मंगलवार को सुना जा सकता है। हालांकि, दत्ता ने कहा कि 48 घंटे का चुनाव प्रचार प्रतिबंध लागू होने वाला है, इसलिए तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है क्योंकि फालता में 21 मई को दोबारा मतदान होना है।
जहांगीर खान के वकील दत्ता ने अदालत से कहा, '21 तारीख को फालता में वोट डाले जाएंगे। मैं एक चुनावी उम्मीदवार हूं। मुझे दोबारा आने की अनुमति दी जाए।' उन्होंने यह भी दलील दी कि अगर अदालत अंतरिम सुरक्षा प्रदान करती है तो उम्मीदवार कम से कम एक दिन के लिए निर्वाचन क्षेत्र में जाकर प्रचार कर सकेगा, इससे पहले कि प्रचार पर रोक लागू हो जाए। इसके बाद अदालत ने मामले को दाखिल करने और सुनवाई के लिए इजाजत दे दी।
पुष्पा वाला बयान हुआ था वायरल
दक्षिण 24 परगना जिले की फालता विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने उस चरण का मतदान रद्द कर दिया था। विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान ने खुद की तुलना फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से की थी। उस समय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अफसर अजयपाल शर्मा की नियुक्ति की थी, जिनकी तुलना फिल्म ‘सिंघम’ के किरदार से की जा रही थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अजयपाल शर्मा को खान के परिवार को चेतावनी देते हुए देखा गया था। इसके जवाब में जहांगीर खान ने खुद को पुष्पा बताया था।




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