भारत हमारे लिए अहम, अमेरिकी राजदूत बोले-ट्रंप भी यही मानते हैं; जमकर तारीफ
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहाकि भारत अमेरिका के लिए काफी अहम है और हम, उसे काफी महत्व देते हैं। गोर ने आगे कहाकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यह बात मानते हैं।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहाकि भारत अमेरिका के लिए काफी अहम है और हम, उसे काफी महत्व देते हैं। गोर ने आगे कहाकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यह बात मानते हैं। अमेरिकी राजदूत शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहाकि कहाकि उभरते अवसरों, खासतौर पर प्रौद्योगिकी क्षेत्र का लाभ उठाने के लिए भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी से बेहतर स्थिति में कोई अन्य साझेदारी नहीं है। साथ ही यह भी बताया कि भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया में है। अगले कुछ हफ्तों और महीनों में इस पर दस्तखत हो सकते हैं।
सार्थक रही रुबियो की भारत यात्रा
गोर ने आगे यह भी कहाकि अमेरिका निर्यात नियंत्रण से जुड़ी अपनी नीति में बदलाव कर रहा है। इससे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहाकि अमेरिका भारत की क्षमता को पहचानता है और दोनों देशों के बीच का संबंध 21वीं सदी की निर्णायक साझेदारी है। गोर ने कहाकि दोनों देशों के बीच संबंधों को एक अधिक सहज आर्थिक साझेदारी में बदलने का अवसर मौजूद है। भारत-अमेरिका संबंधों को आगे ले जाने की असीमित संभावनाएं मौजूद हैं। राजदूत ने यह भी कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया भारत यात्रा सार्थक रही।
एक जून से अमेरिकी दल भारत यात्रा पर
गौरतलब है कि अमेरिकी दल अंतरिम व्यापार समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक जून को चार दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहा है। अमेरिकी दल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे। मंत्रालय के मुताबिक दोनों पक्षों की इस बातचीत में अंतरिम समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपायों, सीमा शुल्क तथा व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति
भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की थी। अब दोनों पक्षों को इस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना होगा। इस रूपरेखा ने व्यापक भारत-अमेरिका बीटीए वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। रूपरेखा के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी। उसने रूसी तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25 प्रतिशत शुल्क को हटा दिया था और समझौते के तहत शेष 25 प्रतिशत को घटाकर 18 प्रतिशत करना था।
अब तक का हाल
लेकिन, इस साल 20 फरवरी को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक जवाबी शुल्क के खिलाफ फैसला सुनाया। यह शुल्क 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकाल आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) के तहत लगाए गए थे। अमेरिका के राष्ट्रपति ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की। इन बदलावों के मद्देनज़र, भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों के बीच फरवरी में बैठक रखी गई थी, जो स्थगित कर दी गई थी। भारतीय दल ने 20 से 23 अप्रैल 2026 तक अमेरिका की यात्रा की और दोनों पक्ष वाशिंगटन में मिले थे। अधिकारी ने कहाकि चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए, मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में अमेरिकी टीम एक से चार जून, 2026 तक भारत की यात्रा करेगी।




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