भाजपा का गजब दांव, पूर्व कांग्रेसी को बना दिया अपना अध्यक्ष; क्या है माजरा
पटियाला और लुधियाना से बठिंडा और फिरोजपुर तक मालवा बेल्ट कहलाता है। यहां पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 69 सीटें आती हैं। खास बात है कि इस लिहाज से यह पंजाब का सबसे बड़ा चुनावी मैदान माना जाता है।

भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव से कुछ महीनों पहले ही अध्यक्ष बदलने का फैसला किया है। पार्टी ने गुरुवार को सरदार केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का ऐलान किया है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब भाजपा ने राज्य में जाट सिख को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। खास बात है कि ढिल्लों 4 साल पहले ही कांग्रेस से पाला बदलकर भाजपा में शामिल हुए थे।
क्यों अहम है केवल सिंह ढिल्लों का चुनाव
ढिल्लों राज्य के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने मालवा क्षेत्र से आते हैं, जहां पंजाब विधानसभा की 117 में से 69 सीटें आती हैं। राज्य में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा पंजाब के मालवा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि इस इलाके में अच्छा प्रदर्शन करने वाली किसी भी पार्टी के सरकार बनाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरह ढिल्लों का राजनीतिक आधार भी संगरूर क्षेत्र ही है। हालांकि, ढिल्लों के सामने एक कठिन चुनौती है क्योंकि पार्टी के पास वर्तमान में 117 सदस्यीय विधानसभा में केवल दो विधायक हैं।
कारोबारी और किसान
कहा जा रहा है कि ढिल्लों पार्टी के लिए कॉम्बो पैकेज की तरह हैं। वह बड़े कारोबारी के साथ किसान भी हैं। जहां तक ढिल्लों के कारोबारी हितों का सवाल है, उन्होंने ढिल्लों समूह के माध्यम से एक बड़ा पेय पदार्थ कारोबार खड़ा किया और बाद में अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार किया। उद्योगपति-नेता ढिल्लों को 1980 के दशक में उग्रवाद के दौर में पंजाब में पेप्सिको को लाने का श्रेय दिया जाता है, जब राज्य में कोई भी निवेश करने को तैयार नहीं था।
कांग्रेस से भाजपा में आए
ढिल्लों बरनाला से दो बार विधायक रह चुके हैं। वह 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। हालांकि, 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। ढिल्लों 2022 में भाजपा में शामिल हुए और बाद में पार्टी की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए।
पहले भी पूर्व कांग्रेसी को बनाया था अध्यक्ष
ढिल्लों ने सुनील जाखड़ का स्थान लिया है, जिन्हें जुलाई 2023 में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पीटीआई भाषा के सूत्रों के अनुसार, पंजाब भाजपा के कुछ नेता लंबे समय से पार्टी की प्रदेश इकाई की कमान किसी सिख चेहरे को सौंपने की मांग कर रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स में आंतरिक सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि नए अध्यक्ष के नाम पर भाजपा महासचिव तरुण चुघ का समर्थन था। वहीं, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मंत्री श्रीनिवासुलु और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उनका समर्थन कर रहे थे। हालांकि, उनसे पहले सिख चेहरे के तौर पर साल 1997 में दाय सिंह सोढ़ी पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।
बेहद अहम है मालवा क्षेत्र
पटियाला और लुधियाना से बठिंडा और फिरोजपुर तक मालवा बेल्ट कहलाता है। यहां पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 69 सीटें आती हैं। खास बात है कि इस लिहाज से यह पंजाब का सबसे बड़ा चुनावी मैदान माना जाता है।




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