1000 हथियारबंद लड़ाके तैयार, बिश्नोई गैंग ने कनाडा पुलिस को भेजा धमकी भरा लेटर
जानकारी के मुताबिक, इस लेटर में बिश्नोई के गैंग ने दावा किया था कि उनके पास 1000 हथियारबंद लड़ाके हैं जो दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक लेटर से जुड़ी खबर ने सनसनी फैला दी है। यह लेटर, कनाडा में अधिकारियों को भेजा गया था। जानकारी के मुताबिक, इस लेटर में बिश्नोई के गैंग ने दावा किया था कि उनके पास 1000 हथियारबंद लड़ाके हैं जो दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं। कनाडाई प्रसारणकर्ता ग्लोबल न्यूज के मुताबिक यह लेटर पिछले साल अगस्त में भेजा गया था। गुरुवार को इमिग्रेशन और रिफ्यूजी बोर्ड के सामने गवाही देते हुए, एडमंटन के पुलिस कांस्टेबल ने उस लेटर के बारे में खुलासा किया है। इसे ब्रिटिश कोलंबिया के एबॉट्सफोर्ड के एक पुलिस स्टेशन को भेजा गया था।
कब का है लेटर
पुलिस कांस्टेबल केविन सेंट लुइस के मुताबिक इस लेटर पर तारीख दर्ज है 13 अगस्त, 2025। साथ ही जेल की कोठरी से चल रही गैंग के बारे में जानकारी दी गई है। लुइस ने बताया कि इस लेटर में कहा गया है कि उसके पास एक बहुत बड़ी गैंग है जो हथियारों से लैस है। साथ ही धमकी भरे अंदाज में यह भी कहा गया है कि गैंग ने हर बिजनेस से अपने लिए टैक्स मांगा है। गैंग का कहना है कि यह एक तरह से प्रोटेक्शन मनी होगी। एबॉट्सफोर्ड पुलिस विभाग ने भी इसकी पुष्टि की है। सार्जेंट पॉल वॉकर ने मीडिया को बताया कि लेटर के बारे में जानकारी संघीय और प्रांतीय विभागों को भी दी गई है। यह धन उगाही से जुड़े मामलों को देख रहे हैं। वहीं, विभाग की ऑपरेशन कम्युनिटी शील्ड टास्क फोर्स यह जानकारी जुटाने में लगी है कि लेटर कहां से आया है।
क्या है बिश्नोई गैंग
गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई राजस्थान का अपराधी है, जो 2015 से जेल में बंद है। हालांकि उसकी गैंग सक्रिय है। इसका कनेक्शन पंजाब और हरियाणा के क्रिमिनल नेटवर्क से है। बिश्नोई पर तस्करी किए गए फोन आदि से गैंग चलाने के आरोप हैं। कनाडाई अधिकारियों ने सितंबर 2025 में बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन के रूप में दर्ज किया था। आरोप लगाया गया है कि यह गैंग हत्या, गोलीबारी, आगजनी और वसूली में शामिल है। आरोप है कि भारतीय मूल के व्यवसायियों और प्रोफेशनल्स के खिलाफ जो आपराधिक मामले बढ़े हैं, उनमें बिश्नोई गैंग का हाथ है।
खासतौर पर ब्रिटिश कोलंबिया के लोअर मेनलैंड (सरे और अबॉट्सफ़ोर्ड), अल्बर्टा, ओंटारियो और मैनिटोबा में, इस गैंग की गतिविधियां ज्यादा हैं। बताया गया है कि यह गैंग वॉट्सऐप कॉल या मैसेज के जरिए वसूली की रकम मांगता है। अगर भुगतान में देरी होती है तो बाइक सवार गोलीबारी करते हैं। इसके शूटर्स में अस्थायी वीजा या स्टूडेंट परमिट पर रहने वाले भारतीय नागरिक हैं। इन्हें मामूली रकम की भुगतान करके गैंग अपने साथ जोड़ता है।
कनाडा में दशहत
कनाडा में, बिश्नोई गैंग ने व्यापारियों पर टारगेटेड हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इससे उन समुदायों में भय बढ़ा है, जिन्होंने कनाडा में विभिन्न बिजनेस में खुद को स्थापित किया है। गैंग की सक्रियता को देखते हुए यहां पर लोग सुरक्षा की मांग करने लगे हैं। कुछ परिवार दूसरी जगहों पर बसने के बारे में सोच रहे हैं। प्रभावित शहरों में पुलिस टास्क फोर्स ने अलर्ट जारी किए हैं। वहीं, सरे जैसी जगहों पर जानकारी के लिए इनाम की घोषणा की गई है।
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