इशाक डार ने की अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात, क्या बोले मार्को रुबियो
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को यहां इन खबरों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की कि अमेरिका और ईरान तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को यहां इन खबरों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की कि अमेरिका और ईरान तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं। रुबियो के साथ डार की मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता कर रहे देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील की थी।
मार्को रुबियो ने क्या कहा
इसको लेकर मार्को रुबियो का भी बयान आया है। रुबियो ने कहाकि पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात की और मध्य पूर्व में शांति बढ़ाने में पाकिस्तान की जारी भूमिका के लिए उनका धन्यवाद दिया। हमने अपनी दोनों देशों के लिए बेहतर सुरक्षा और अधिक समृद्धि के लिए एक सार्थक साझेदारी को और मजबूत करने हेतु साथ काम करने के महत्व पर सहमति जताई।
गौरतलब है कि अब्राहम समझौता इजरायल और अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करता है। पश्चिम एशिया संघर्ष में पाकिस्तान एक मुख्य मध्यस्थ के रूप में उभरा है। पाकिस्तान ने इजराजल को बतौर देश मान्यता नहीं दी है तथा उसका उसके साथ राजनयिक संबंध नहीं है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री डार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर बहस में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे थे।
यह बहस मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की चीन की अध्यक्षता में हुई थी। डार की रुबियो के साथ यह मुलाकात विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक के कुछ दिनों बाद हुई है।
अमेरिका और ईरान का रुख अभी सख्त
इससे पहले गुरुवार को वाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद, अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर नए हमले किए। बैठक के दौरान, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहाकि प्रशासन को उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों या दिनों में कोई प्रगति देखने को मिलेगी। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर कूटनीति विफल रहती है तो अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की पहल को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी सार्वजनिक समर्थन मिला है। उन्होंने ईद के अवसर पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बात की और उम्मीद जताई कि जल्द ही एक ऐसा शांति समझौता हो सकता है जो ईरान के सम्मान और गरिमा को बनाए रखेगा। शरीफ ने कहा कि ऐसा समझौता ईरान की आर्थिक क्षमता को उजागर करने में मदद कर सकता है और पूरे क्षेत्र को व्यापक लाभ पहुंचा सकता है।
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