हिमंत से लेकर विजयन तक, दिग्गजों की किस्मत का फैसला आज, इन राज्यों में होगा मतदान
असम विधासभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल यानी आज मतदान प्रक्रिया सुबह 7 बजे से शुरू होगी। असम के अलावा केरल, पुडुचेरी और चार राज्यों की 5 विधानसभा सीटों के लिए भी मतदान होगा। असम में हिमंत बिस्वा सरमा और केरल में पी विजयन की सरकार दांव पर है

भारत में एक बार फिर से लोकतंत्र का त्योहार अपने उफान पर है। एक महीने के धुआँ धार प्रचार के बाद आज, यानी 9 अप्रैल को दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के अलगे 5 साल का फैसला होने जा रहा है। सत्ता धारी पार्टी की वापसी होगी या विपक्ष बाजी मारेगा? इस सवाल के जवाब में जनता अपना फैसला आज ईवीएम में बंद कर देगी। चुनाव आयोग के टाइम टेबल के अनुसार आज 9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में चुनावी मुकाबला होगा। इसके साथ ही 4 राज्यों की 5 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव संपन्न होंगे।
असम में भाजपा बनाम कांग्रेस की लड़ाई और केरल में त्रिकोणीय मुकाबले के दावों के बीच जनता किसे चुनेगी इसका फैसला आज ईवीएम के ताले में बंद हो जाएगा। असम में हिमंत शर्मा की वापसी होगी या कांग्रेस के सिर जीत का सेहरा सजेगा। केरल में वाम मोर्चा अपना इकलौता गढ़ बचा पाएगा या वह भी ढ़ह जाएगा? इन सारे सवालों के जवाब, आज जनता मतदान के जरिए दे देगी।
असम में क्या हाल?
राष्ट्रीय स्तर पर बात करें, तो वैसे तो सभी चुनाव बराबर की अहमियत रखते हैं, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से, जिस तरीके से असम की राजनीति घूमी है, उसकी वजह से असम इस वक्त चर्चा के केंद्र में है। 126 सीटों वाली इस विधानसभा में मुख्य मुकाबला भाजपा नीत एनडीए गठबंधन और कांग्रेस गठबंधन के बीच है। एक समय पर कांग्रेस से भाजपा में आए फायरब्रांड नेता और मुख्यमंत्री हिमंत सरमा राज्य में एक बार फिर जीत का दावा कर रहे हैं, तो वहीं कांग्रेस पार्टी भी लगातार हमलावर बनी हुई है।
असम में मुख्य तौर पर पहचान और क्षेत्रीय राजनीति असरदार रहने की आशंका है। एनआरसी और सीएए जैसे मुद्दे सीधे तौर पर जनता को प्रभावित करते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि जनता का झुकाव किस तरफ होता है।
केरल में बचेगा वाम मोर्चा?
भारत में वाम मोर्चा के इकलौते गढ़ केरल विधानसभा का चुनाव भी मुख्यमंत्री विजयन और उनके गठबंधन के लिए नाक का सवाल है। 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में मुख्य मुकाबला विजयन के नेतृत्व वाले एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन के बीच है। भाजपा भी केरल में अपने पैर पसारने की कोशिश में है, लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस बनाम वाम मोर्चा के बीच में ही है।
पुडुचेरी में बनेगी किसकी सरकार?
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी आज विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे। 30 सीटों वाली इस विधानसभा पर वर्तमान में भाजपा नीत एनडीए गठबंधन की सरकार है। इस गठबंधन का मुकाबला कांग्रेस पार्टी और डीएके के गठबंधन से है। हमेशा द्विपक्षीय रहने वाला यह मुकाबला इस विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय हो गया है, क्योंकि इस बार अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी भी मैदान में है। आज जनता इस बात का फैसला कर देगी कि सत्ता में बैठा एनडीए गठबंधन एक बार फिर वापसी करेगा या विपक्ष में बैठा कांग्रेस गठबंधन इस बार बाजी मारेगा। सबसे बड़े सवाल के रूप में विजय खड़े हुए हैं, जो अपनी सिल्वर स्क्रीन छवि की दम पर राजनीतिक जमीन बनाना चाहते हैं।
उपचुनाव के जरिए जनता देगी सरकार को रियल्टी चेक
भारतीय संविधान के मुताबिक हर राज्य में पांच साल के बाद चुनाव होता है। इन पांच वर्षों के दौरान किसी निर्वाचित सदस्य की मृत्यु या कोई अन्य कारण से जब सीट खाली हो जाती है, तो आयोग उस पर उपचुनाव करवाता है। यह उप चुनाव एक तरीके से सरकार के लिए रियल्टी चेक साबित होता है। 9 अप्रैल को दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के अलावा चार राज्यों की 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हैं। इनमें गोवा की पोंडा सीट, कर्नाटक की बागलकोट और दावानागेरे दक्षिण, नागालैंड की कोरीडांग और त्रिपुरा की धर्मनगर पर जनता अपने मत का प्रयोग करेगी।
चुनाव आयोग के टाइम टेबल के मुताबिक इन सीटों पर आज चुनाव होंगे। वहीं, तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे। इसी दिन तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी चुनाव संपन्न होंगे। इन सभी राज्यों और विधानसभा सीटों के उपचुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे।




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