पार्टी बनाने के दो साल के भीतर बड़ी सियासी सफलता, विजय की एनटीआर से गजब समानता
तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके के बहुमत के आंकड़े की ओर बढ़ने के बाद पार्टी के संस्थापक विजय और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व तेलुगु सिनेमा के दिग्गज एनटी रामाराव (एनटीआर) के बीच एक दिलचस्प समानता सामने आई।

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके के बहुमत के आंकड़े की ओर बढ़ने के बाद पार्टी के संस्थापक विजय और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व तेलुगु सिनेमा के दिग्गज एनटी रामाराव (एनटीआर) के बीच एक दिलचस्प समानता सामने आई। विजय, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के संस्थापक एनटीआर के बाद दूसरे व्यक्ति बन गए हैं, जिन्होंने अपनी पार्टी बनाने के दो साल के अंदर चुनावी सफलता हासिल की। दिवंगत मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन ने 1972 में अपनी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) की स्थापना की थी, लेकिन वह 1977 में तमिलनाडु में सत्ता में आए थे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना सोमवार को शुरू हुई, जिसमें विजय की टीवीके अपने द्रविड़ प्रतिद्वंद्वियों द्रमुक और अन्नाद्रमुक से आगे निकलती दिख रही है। 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए पार्टी को 118 विधायकों की जरूरत है। खबर लिखे जाने तक टीवीके 111 सीटों पर आगे चल रही थी।
एनटीआर ने किया था कांग्रेस शासन का अंत
एनटीआर ने अपनी पार्टी बनाने के केवल नौ महीने के अंदर 1983 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करके 27 साल पुराने कांग्रेस शासन का अंत कर दिया था, जिसके बाद वह नौ जनवरी 1983 को मुख्यमंत्री बने थे। दो साल पहले अपनी पार्टी बनाने वाले विजय ने एक बार फिर साबित किया है कि फिल्मी लोकप्रियता को राजनीतिक सफलता में बदला जा सकता है, हालांकि कई अन्य सितारे ऐसा नहीं कर पाए। दक्षिण भारत में फिल्मी सितारों का राजनीति में आना आम बात है, लेकिन कई अभिनेता लंबे समय तक अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए नहीं रख सके।
चिरंजीवी और पवन कल्याण
सुपरस्टार चिरंजीवी ने 2008 में अपनी पार्टी प्रजा राज्यम की स्थापना की थी, जिसका 2011 में कांग्रेस में विलय हो गया था। प्रजा राज्यम ने 2009 का विधानसभा चुनाव लड़ा और 294 सदस्यीय आंध्र प्रदेश विधानसभा में 18 सीट जीतीं। बाद में चिरंजीवी सक्रिय राजनीति से दूर हो गए। चिरंजीवी के भाई पवन कल्याण ने 2014 में जन सेना पार्टी की स्थापना की, लेकिन उस साल चुनाव नहीं लड़ा। उन्होंने 2019 में चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों सीटों से हार गए। उनकी पार्टी से केवल एक उम्मीदवार जीता। हालांकि 2024 में उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के साथ गठबंधन कर शानदार प्रदर्शन किया और उनकी पार्टी ने उन सभी 21 सीट पर जीत हासिल की, जिनपर उसने चुनाव लड़ा था।
कमल हासन और विजयकांत
तमिलनाडु में दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने 2018 में मक्कल नीधि मय्यम की स्थापना की। उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में कोयंबटूर साउथ से चुनाव लड़ा, लेकिन मामूली अंतर से हार गए। बाद में वह द्रमुक के साथ जुड़ गए और 2025 में राज्यसभा सदस्य बने। एक अन्य लोकप्रिय तमिल अभिनेता विजयकांत ने 2005 में देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (द्रमुक) की स्थापना की। उन्हें ‘कैप्टन’ के नाम से जाना जाता था। डीएमडीके ने 2006 में अपने पहले चुनाव में ही अच्छा प्रदर्शन किया और विजयकांत वृद्दाचलम सीट से जीते। साल 2011 के चुनावों में उन्होंने जे. जयललिता के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन किया और विपक्ष के नेता बने। विजयकांत का दिसंबर 2023 में निधन हो गया और उनकी पार्टी अब द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है।




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