BJP first victory in West Bengal What it means for Party Connection to Shyama Prasad Mukherjee ढहा ममता किला, भाजपा के लिए बंगाल विजय के मायने क्या; श्यामा प्रसाद मुखर्जी से क्या कनेक्शन, West-bengal Hindi News - Hindustan
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ढहा ममता किला, भाजपा के लिए बंगाल विजय के मायने क्या; श्यामा प्रसाद मुखर्जी से क्या कनेक्शन

भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी की किला ढहा दिया है। ममता के 15 साल के शासन का अंत हो चुका है। बाहर से यह भले ही यह ममता और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी लड़ाई लगती हो। लेकिन असल में भाजपा के लिए इस जीत के मायने इससे भी बढ़कर हैं।

Mon, 4 May 2026 04:36 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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ढहा ममता किला, भाजपा के लिए बंगाल विजय के मायने क्या; श्यामा प्रसाद मुखर्जी से क्या कनेक्शन

भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी की किला ढहा दिया है। ममता के 15 साल के शासन का अंत हो चुका है। बाहर से यह भले ही यह ममता और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी लड़ाई लगती हो। लेकिन असल में भाजपा के लिए इस जीत के मायने इससे भी बढ़कर हैं। यह भाजपा के लिए विचारधारा की धरती पर पहली बार सत्ता में आना है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती पर उसके लिए यह जीत अपने संस्थापक को समर्पित हो सकती है। साथ ही पूरब में अपना झंडा बुलंद करने की भी उसकी हसरत अरसे बाद ही सही, पूरी हुई है। आइए जानते हैं भाजपा के लिए बंगाल जीतने का कितना महत्व है...

विचारधारा के गढ़ में सत्ता
बंगाल चुनाव जीतना, भाजपा के लिए विचारधारा की लड़ाई सरीखा था। पश्चिम बंगाल भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मस्थान है। साल 2026 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 12वीं जयंती वाला साल भी है। इस तरह भाजपा, बंगाल की जीत को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक देश, एक संविधान’ के विचार को समर्पित कर सकती है।

पूरब में बढ़ा दखल
बंगाल में जीत, भाजपा के लिए इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि वह पहली बार इस राज्य में सरकार बनाने जा रही है। असम और बिहार में जीत के बाद अब बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद उसका पूरब में दखल पूरी तरह से बढ़ गया है। बंगाल पर नियंत्रण होने से सिलिगुड़ी कॉरिडोर के लिए भी काफी अहम है।

राष्ट्रीय स्तर पर असर
भाजपा की बंगाल में जीत का राष्ट्रीय और आर्थिक असर भी देखने को मिलेगा। यहां से भाजपा को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए अपने मिशन को नई रफ्तार देने का रास्ता भी खुल जाएगा। भाजपा ने चुनाव से पहले बंगाल में उद्योग-धंधों को बढ़ाने की बात की थी। इसमें लॉजिस्टक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा क्षेत्र के लिए कुछ बेहतर करने की बात कही थी। अगर पार्टी यहां पर इस तरह की पहल करने में कामयाब रही तो आने वाले वक्त में उसे इसका फायदा राष्ट्रीय स्तर पर मिल सकता है।

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क्या कहती है भाजपा की बढ़त
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव की बयार बह चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को जारी मतगणना में शाम तक 199 विधानसभा सीट पर बढ़त बना ली। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 88 सीट पर आगे है। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। भाजपा की बढ़त इस आंकड़े को पार करने के साथ संभावित बड़ी सफलता की ओर इशारा कर रही है।