TMC MP remembered Mamata Banerjee after Rebelling Satabdi Roy saying Didi I miss you बगावत के अगले दिन ही TMC सांसद को आई ममता बनर्जी की याद, बोलीं- दीदी, I Miss You, India News in Hindi - Hindustan
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बगावत के अगले दिन ही TMC सांसद को आई ममता बनर्जी की याद, बोलीं- दीदी, I Miss You

West Bengal Politics: ममता बनर्जी की करीबी और पार्टी की वरिष्ठ नेता शताब्दी रॉय ने खुलकर बगावत का साथ दिया है। राजनीतिक रूप से बागियों के साथ खड़े होने का ऐलान करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा कि दीदी, मुझे आपकी बहुत याद आती है... भावनात्मक और नैतिक रूप से मैं गलत हूं।

Thu, 11 June 2026 12:11 AMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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बगावत के अगले दिन ही TMC सांसद को आई ममता बनर्जी की याद, बोलीं- दीदी, I Miss You

तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक विद्रोह की ज्वाला तेज होती जा रही है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद शताब्दी रॉय ने पहली बार खुलकर ममता बनर्जी की नीतियों पर सवाल उठाए हैं और बागी गुट का राजनीतिक समर्थन करते हुए भी भावनात्मक रूप से खुद को गलत महसूस करने की बात कही है। एनडीटीवी से बात करते हुए शताब्दी रॉय ने कहा कि मुझे लगता है कि राजनीतिक रूप से मैंने सही निर्णय लिया है, लेकिन भावनात्मक और नैतिक रूप से मैं गलत हूं। उन्होंने आगे कहा कि दीदी, मुझे आपकी बहुत याद आती है।

बता दें कि शताब्दी रॉय को ममता बनर्जी ने राजनीति में लेकर आई थीं। वर्तमान में बागी मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार की उप-प्रमुख हैं। लोकसभा में 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की है, जिसका शताब्दी रॉय ने समर्थन किया है। उन्होंने साफ स्वीकार किया कि भ्रष्टाचार और पार्टी की जनता से दूरी ही असली समस्या है। शताब्दी ने कहा कि ममता बनर्जी इस समस्या को स्वीकार करने से इनकार कर रही हैं, जिसके कारण कई नेता पार्टी छोड़ रहे हैं।

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उन्होंने चुनाव परिणामों पर हुई निर्णायक बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि हार के कारण सबके सामने थे, लेकिन ममता बनर्जी ने हार मानने से इनकार कर दिया। शताब्दी के अनुसार, दीदी ने कहा कि हम भाजपा से नहीं हारे, वे मुझे धमका रहे हैं। कोई विरोध नहीं कर सका। इस दौरान शताब्दी रॉय ने कहा कि पहले यह तो बताइए कि हम हारे क्यों? यह आई-पैक की समस्या है, अभिषेक बनर्जी की समस्या है, भ्रष्टाचार की समस्या है। लेकिन दीदी इस पर ध्यान नहीं दे रही हैं। उस दिन मैंने फैसला कर लिया कि पार्टी कोई बदलाव नहीं चाहती।

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उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की संभावना जताई और कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई और विकल्प बचा है। अगर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो जाए तो बेहतर होगा। हालांकि उन्होंने इस दौरान ये भी कहा कि ममता बनर्जी किसी भी पार्टी में नंबर दो की भूमिका में नहीं रह सकतीं। अंत में भावुक होते हुए शताब्दी रॉय ने कहा कि मुझे ममता दीदी के लिए बुरा लग रहा है। मैं उनसे भावनात्मक रूप से बहुत जुड़ी हूं। यह मानना मुश्किल है कि मैं उनके साथ नहीं हूं। इस बार ममता बनर्जी की हालत बहुत खराब है।

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बता दें कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के कुछ हफ्तों बाद तृणमूल कांग्रेस अब अपने ही सदस्यों के विद्रोह से जूझ रही है। विधानसभा में कम से कम 60 विधायकों ने ऋतब्रता बनर्जी का समर्थन किया है, जो खुद को ‘असली तृणमूल’ बता रहे हैं। लोकसभा में 20 सांसदों ने एनडीए का साथ देने का ऐलान किया है। दो दिन पहले सांसद सुखेन्दु शेखर राय ने इस्तीफा दे दिया था, जबकि बुधवार को सुष्मिता देव ने भी तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।