विपक्ष के लिए 'अग्निपरीक्षा' से कम नहीं 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव, बीजेपी ने कस ली है कमर
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम समेत पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। अब विपक्षी दलों के सामने अपनी शाख बचाने की बड़ी चुनौती है। यह चुनाव विपक्ष के लिए लिटमस टेस्ट साबित होने वाला है।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव भी उन राज्यों में हो रहे हैं जहां बीजेपी विरोधी पार्टियों की स्थिति को बहुत कमजोर नहीं कहा जा सकता। इनमें से तीन में विपक्षी दलों की ही सरकार है। लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की। अब जिन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव होने जा रहे हैं, वहां अपनी स्थिति को मजबूत रखना विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती है। बंगाल, तमिलनाडु और केरल में से अगर एक भी किला विपक्ष के हाथ से निकलता है तो यह बीजेपी की बड़ी जीत मानी जाएगी।
इन चुनावों में विपक्षी दलों को बड़े चेहरों पर भी दांव लगा हुआ है। जैसे कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, एमके स्टालिन और पिनारायी विजयन की लोकप्रियता को भी चुनाव में बड़ी चुनौती मिल सकती है। चुनाव भी ऐसे समय में हो रहे हैं जबकि विपक्षी दल एसआईआर की प्रक्रिया का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल और केरल में इंडिया गठबंधन के दल भी एक दूसरे के सामने नजर आ सकते हैं। यहां टीएमसी और कांग्रेस आमने सामने भी दिख सकते हैं। वहीं केरल में सीपीएम की अगुआई वाली एलडीएफ और कांग्रेस की अगुआई वाली यूडीएफ के बीच मुकाबला हो सकता है। पश्चिम बंगाल में अगर कांग्रेस और टीएमसी साथ नहीं आती है तो इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिलने वाला है।
असम में बीजेपी और कांग्रेस की सीधी लड़ाई
असम में बीजेपी और कांग्रेस की सीधी लड़ाई है। अगर बीजेपी जीतती है तो यह राज्य में उसकी हैटट्रिक होगी। वहीं कांग्रेस के सामने 15 साल का वनवास दूर करने की चुनौती है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेप के बीच लड़ाई है। तमिलनाडु में डीएमके कांग्रेस , वामपंथी दलों और अन्य के साथ चुनाव लड़ रही है। वहीं बीजपी और एआईएडीएमके साथ मैदान में उतर रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे।
तमिलनाडु में इस बार सुपर स्टार विजय भी चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि विजय फैक्टर जीत में बड़ा योगदान दे सकता है। विजय काफी लोकप्रिय हैं और वह सरकार बनाने में भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। केरल में सत्ताधारी एलडीएफ के लिए बड़ी चुनौती है। यूडीएफ और बीजेपी दोनों ही एलडीएफ के खिलाफ पूरा जोर लगा रही हैं। वहीं पुदुच्चेरी की सीएम एन रंगासामी बीजेपी-ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस का मुकाबला कांग्रेस-डीएमके के गठबंधन से है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीट हैं। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। कुमार ने बताया कि केरल, असम और पुडुचेरी के लिए नौ अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा।
उन्होंने बताया कि चारों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभा चुनाव के लिए 824 सीटों पर मतगणना चार मई को होगी।




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