BJP के साथी दल को झटका, AIADMK के 3 विधायकों का इस्तीफा; विजय के मंत्री संग पका रहे खिचड़ी
एआईडीएमके से इस्तीफा देने वाले विधायकों ने सोमवार को मंत्री आधव अर्जुन से मुलाकात की। यह सीएम विजय की टीवीके में शामिल हो चुके हैं। इसे एआईएडीएमके के ईपीएस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

एआईडीएमके से इस्तीफा देने वाले तीन विधायकों ने सोमवार को विजय सरकार में मंत्री आधव अर्जुन से मुलाकात की। इस्तीफा पत्र सौंपने के बाद, तीनों बागी नेता सीधे वरिष्ठ टीवीके नेता और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री आधाव अर्जुना के कक्ष में गए, उनसे मुलाकात की और औपचारिक रूप से टीवीके में शामिल हो गए। शॉल भेंट कर उन्हें टीवीके में शामिल करते हुए श्री अर्जुना ने कहाकि आइए हम सब एक परिवार के रूप में मिलकर आगे बढ़ें। इन तीन विधायकों मदुरंथकम से निर्वाचित एम कुमारवेल, धारापुरम से सत्यभामा और पेरुंदुरई विधानसभा क्षेत्र से चुने गए जयकुमार ने अन्नाद्रमुक के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसे ईपीएस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पार्टी व्हिप का किया उल्लंघन
इन तीन विधायकों पर विश्वास मत के दौरान पार्टी सचेतक के निर्देशों का उल्लंघन करके टीवीके सरकार का समर्थन करने के कारण अयोग्य ठहराए जाने के संभावित खतरे का सामना करना पड़ रहा था। इन इस्तीफों को अयोग्यता से बचने के लिए उठाए गए एक एहतियाती कदम के रूप में देखा जा रहा है। इन तीनों सीटों के खाली होने के बाद, तीनों विधायकों के टीवीके के टिकट पर उपचुनाव लड़ने और फिर से सदन के लिए निर्वाचित होने की संभावना है।
घरवापसी में जुटे कुछ विधायक
इस बीच, एक अन्य संबंधित घटनाक्रम में बागी खेमे के पांच और समर्थकों ने पलानीस्वामी से मुलाकात की और पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जतायी। इन पांचों विधायकों ने सचेतक का उल्लंघन करने के लिए माफीनामा सौंपा है और पलानीस्वामी से दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई न करने का अनुरोध किया है। माफीनामा स्वीकार करते हुए पलानीस्वामी गुट के नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और उनसे इन पांचों विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का आग्रह किया। जबकि शेष 17 बागी विधायकों के खिलाफ कार्यवाही आगे बढ़ाने की मांग की।
सरकार बनाने में टीवीके का दिया था साथ
अन्नाद्रमुक में संकट उस समय खुलकर सामने आ गया जब पार्टी के 47 विधायकों में से 25 ने 13 मई को विश्वास मत में टीवीके सरकार का समर्थन किया। इससे त्रिशंकु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद बहुमत से दूर रह गई टीवीके को मदद मिली थी। चूंकि बागी गुट के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं था, इसलिए पलानीस्वामी खेमे ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर कर उनके खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी। बागी गुट के पांच विधायकों के पलानीस्वामी की तरफ आने से उनका समर्थन आधार बढ़कर 27 हो गया है। जबकि 17 अब भी बागी गुट के साथ हैं और तीन ने इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थाम लिया है।




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