Petrol Diesel Prices may still get hike in India what factors are behind it अभी और बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, क्यों मुश्किल है इस पर लगाम; समझिए, India News in Hindi - Hindustan
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अभी और बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, क्यों मुश्किल है इस पर लगाम; समझिए

पेट्रोल और डीजल के दाम पिछले कुछ दिनों में चार बार बढ़ाए जा चुके हैं। लेकिन यह अंतिम बार नहीं है। इसमें अभी और भी इजाफा हो सकता है। इसके पीछे क्या है वजह और कौन फैक्टर्स कर रहे हैं काम…

Mon, 25 May 2026 03:19 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अभी और बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, क्यों मुश्किल है इस पर लगाम; समझिए

भारत में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। यह चौथी बार है जब भारत में डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई गई हैं। हालांकि यह अंतिम बार नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अभी दाम और बढ़ाए जा सकते हैं। इसके पीछे वजह, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को बताया जा रहा है। गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल के दाम में 2.61 पैसे और डीजल में 2.71 पैसे का इजाफा किया। इसके साथ ही 15 मई से अभी तक पेट्रोल के दाम 7.35 पैसे और डीजल के दाम 7.53 पैसे बढ़ाए जा चुके हैं। इसके साथ ही दिल्ली में पेट्रोल के दाम 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 95.20 रुपए प्रति लीटर हो चुके हैं।

क्यों अभी और बढ़ सकते हैं दाम
जानकारों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल के दाम में आगे भी इजाफा दिख सकता है। इस सेक्टर के विशेषज्ञों के मुताबिक सरकारी रिटेलर्स अभी भी अपने वर्तमान नुकसान से उबरने की कोशिश में जुटे हैं। इसके मुताबिक युद्ध के शुरुआती दौर में जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही थीं तो कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए थे। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 27 फरवरी में 72.87 रुपए प्रति बैरल थे। मार्च में यह बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल हो गए। हालांकि फिलहाल इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ चुकी है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल के बाजार में फिलहाल जो हालात हैं, वह भारतीय तेल रिटेलर्स पर दबाव बना सकता है। बताया जा रहा है कि तेल के दाम बढ़ाने के बाद कंपनियों का हर दिन करीब 1000 करोड़ रुपए का घाटा कुछ कम तो हुआ है। लेकिन यह अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अगर ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर नहीं हुआ तो पांचवीं बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।

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भारत में तेल के दाम के लिए होर्मुज क्यों रखता है मायने
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का सीधा कनेक्शन ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया। इसके बाद जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। यही वह रास्ता है, जहां से होकर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कच्चा तेल और एलपीजी के जहाज जाते हैं। भारत के लिए भी यही रास्ता अहम है। लेकिन पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के चलते यह रास्ता बंद हुआ। बाद में ईरान ने थोड़ी छूट तो दी, लेकिन इतनी नहीं है कि जरूर पूरी हो सके। अभी ईरान-अमेरिका युद्ध थमेगा भी नहीं कि इसको लेकर भी अनिश्चितता है। ग्लोबल मार्केट में सप्लाई की शॉर्टेज है। अनिश्चितता के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है। भारत अपनी जरूरत का, 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करतना है। ऐसे में ग्लोबल मार्केट में मची किसी भी हलचल का असर भारत पर भी पड़ना तय है।

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सरकार का क्या कहना है
सरकार इस महीने की शुरुआत में ही संकेत दे चुकी है कि तेल के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि जिस तरह से वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई व्यवस्था चरमराई है, एक समय पर सरकार को पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों के बारे में सोचना पड़ेगा। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही जनता से पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ज्यादा इस्तेमाल और कारपूलिंग जैसे उपायों की तरफ ध्यान दिलाया था। इन संदेशों को लंबे पेट्रोलियम क्राइसिस के संकेत के रूप में देखा गया था।

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अमेरिका-ईरान वार्ता से उम्मीद
इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत से काफी उम्मीद बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि होर्मुज कब क पूरी तरह से खुल जाएगा, इसके बारे में कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहाकि उनके देश ने होर्मुज को फिर खोलने को लेकर ईरान के साथ बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति की है। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सतर्क रुख अपना रहे हैं और कोई खराब समझौता स्वीकार नहीं करेंगे।