ये तमिलनाडु है या उत्तर प्रदेश? विपक्षी DMK ने CM विजय को किस मुद्दे पर घेरा; खड़ा किया नया बखेड़ा
विपक्षी DMK के आरोपों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय अपने शपथ ग्रहण के दो हफ्ते के अंदर ही विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, पिछले 15 दिनों में यानी जब से उन्होंने राज्य की बागडोर संभाली है, तब से तमिलनाडु में 25 हत्याएं हुई हैं। इस मुद्दे और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय की आलोचना की है और आरोप लगाया कि विजय सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है। विधानसभा में नेता विपक्ष और DMK नेता ने दावा किया कि पिछले 15 दिनों में तमिलनाडु में 25 हत्याएँ, चार दोहरी हत्याएँ और 19 यौन अपराध हुए हैं।
सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबी पोस्ट में, नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले ‘बदलाव’ की बात की थी, उसका ‘बदलाव’ अब राज्य में बढ़ते अपराधों के रूप में साफ दिखाई दे रहा है।" एक्स पर स्टालिन ने आगे पूछा, “जिस सरकार ने ‘बदलाव, बदलाव’ की बात की थी, उसके राज में ये घटनाएँ इस बात की गवाह हैं कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था किस तरह ‘बदल’ गई है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय, क्या यह तमिलनाडु है, या उत्तर प्रदेश?”
नेता विपक्ष की टिप्पणी की टाइमिंग अहम
नेता विपक्ष की यह टिप्पणी तब आई, जब विजय सरकार के 15 दिन पूरे हुए हैं और मदुरै में मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास पाँच लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर 17 साल के एक लड़के की हत्या कर दी है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित, जिसकी पहचान कुबेन्द्रन के रूप में हुई है, मंदिर के पार्किंग क्षेत्र में सोते समय हमला किया गया था, और बाद में उसके शव को पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। पुलिस को संदेह है कि यह हत्या ‘चितिरई’ उत्सव के दौरान हुए एक पुराने झगड़े का नतीजा है। पुलिस ने बताया कि पाँचों आरोपियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
10 साल की एक बच्ची का अपहरण फिर हत्या
स्टालिन ने कोयंबटूर के सुलूर स्थित कन्नमपालयम के पास 10 साल की एक बच्ची के अपहरण और हत्या का भी ज़िक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद विल्लुपुरम ज़िले में एक और यौन उत्पीड़न की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा, “कोयंबटूर के सुलूर में उस छोटी बच्ची के साथ हुई क्रूरता का सदमा अभी कम भी नहीं हुआ था कि विल्लुपुरम जिले में एक और बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की घटना हो गई।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सुलूर की पीड़ित बच्ची की माँ का अंतिम संस्कार जल्दबाज़ी में कर दिया गया, और उनके रिश्तेदारों को इसकी उचित जानकारी भी नहीं दी गई। स्टालिन ने इसके अलावा अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया है।
विजय ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया
इस बीच, मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, "मैंने पुलिस को निर्देश दिया है कि इस घटना की पूरी और तेजी से जांच की जाए, और चार्जशीट तुरंत दाखिल करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।" उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार पूरी सख्ती से काम करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को कानून के तहत कड़ी सज़ा मिले। इसके लिए सभी तत्काल और ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे।”
उदयनिधि के बयान से बखेड़ा
दूसरी तरफ, BJP ने भी विजय सरकार पर हमला बोला है। BJP के वरिष्ठ नेता के. अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि "तमिलनाडु में नशा बेचने वालों, यौन उत्पीड़न करने वालों और हत्यारों को खुली छूट मिली हुई है," जबकि राज्य BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इन अपराधों में शामिल लोगों के लिए कड़ी सज़ा की मांग की। इसके अलावा उदयनिधि के बयान ने एक बखेड़ा कड़ा कर दिया है। उन्होंने तमिलनाडु में हो रहे अपराध की घटनाओं की तुलना उत्तर प्रदेश से की है। माना जा रहा है कि उनका यह बयान यूपी के लोगों को नागवार लगा है।




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