विजय को रोकने के लिए साथ आने वाले थे धुर-विरोधी, CM भी हो गया था तय; VCK चीफ का खुलासा
CM Vijay Thalapathy: तमिलनाडु में थलापति विजय की सरकार को समर्थन देने वाली वीसीके के प्रमुख ने नया दावा किया है। थोल का कहना है कि विजय को रोकने के लिए डीएमके और एआईएडीएमके एक साथ आने वाले थे। इसके लिए उन्होंने उन्हें सीएम बनाने का ऑफर दिया था।

Tamil Nadu CM Vijay Thalapathy: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करके सत्ता के शिखर पर बैठे जोसेफ विजय को रोकने का प्लान बन चुका था। वर्तमान में विजय की सरकार को समर्थन दे रहे विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) प्रमुख ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विजय को सत्ता में आने से रोकने के लिए द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) दोनों ने उनसे संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा की थी। इतना ही नहीं थोल थिरुमावलवन ने कहा कि दोनों ही दलों ने उन्हें इस गठबंधन के तहत मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव दिया था।
विजय की पार्टी तमिलझा वेत्री कड़गम (TVK) को अहम समर्थन देकर चर्चा के केंद्र में आए वीसीके चीफ ने इस पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों द्रविड पार्टियों ने उन्हें यह प्रस्ताव दिया था। थोल ने कहा, "मुझे जानकारी मिली थी कि वे (DMK-AIADMK) मुझे मुख्यमंत्री बनाने का फैसला कर चुके थे। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद हमने इसे अस्वीकार कर दिया।” बता दें, 4 मई के नतीजों के बाद जब विजय बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे थे, उसी वक्त खबरें आई थीं कि दोनों धुर-विरोधी पार्टियां विजय के उदय को रोकने के लिए एक साथ आ सकती हैं। हालांकि बाद में दोनों ही पार्टियों ने इस खबर को खारिज कर दिया था।
वीसीके चीफ के इन दावों पर जब डीएमके से पूछा गया, तो पार्टी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी की तरफ से कहा गया कि उनकी तरफ से ऐसी किसी भी तरह की पेशकश नहीं की गई थी वीसीके चीफ की तरफ से यह दावा ऐसे समय में किया गया है, एआईएडीएमके के कुछ विधायक पार्टी स्टैंड से अलग होकर विजय के समर्थन को आ गए हैं। 120 विधायकों के समर्थन के साथ बहुमत के बिलकुल किनारे पर बैठे विजय के लिए इन विधायकों का आना किसी संजीवनी से कम नहीं है।
तमिलनाडु की राजनीति को हिलाने वाला दावा करने वाले वीसीके चीफ से जब उनके द्वारा विजय को समर्थन देने में लगाए गए समय के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसका भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हम जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहते थे। 8 मई को मैंने अपनी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। इसी दौरान हम फैसले पर पहुंच गए थे, लेकिन हमने तत्काल कोई ऐलान नहीं किया। ऐसे मामले में जल्दबाजी करना गलत हो सकता था।
गौरतलब है कि 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे विजय को बहुमत हालिस करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी। कांग्रेस के साथ आ जाने के बाद भी पार्टी जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद लेफ्ट पार्टियों, IUML और फिर अंत में वीसीके के समर्थन के बाद पार्टी को 120 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ। हालांकि विजय के लिए रास्ता आसान नहीं रहने वाला क्योंकि पहले ही दिन से लेफ्ट और वीसीके उनकी आलोचना कर रहे हैं।




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