सुप्रीम कोर्ट पहुंची CM विजय थलापति के एक वोट की लड़ाई, HC के फैसले के खिलाफ TVK विधायक की अपील
तमिलनाडु मुख्यमंत्री विजय के लिए एक वोट की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। राज्य की तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र पर एक वोट से जीत हासिल करने वाले विधायक ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर बुधवार को सुनवाई करने की सहमति जताई है।

CM Vijay Thalapathy: तमिलनाडु में ऐतिहासिक जीत हासिल करके सत्ता हासिल करने वाले विजय और उनकी पार्टी तमिल वेत्री कड़गम (TVK) की एक वोट की लड़ाई अभी भी जारी है। बुधवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट के पहले मद्रास हाई कोर्ट ने तिरुपत्तरू विधानसभा में एक वोट से जीत हासिल करने वाले टीवीके प्रत्याशी श्रीनिवास के विश्वास मत वोटिंग में शामिल होने से रोक लगा दी थी। इस फैसले के खिलाफ टीवीके विधायक श्रीनिवास ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिस पर कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करने की सहमति दे दी है। बता दें, विजय के लिए यह एक वोट इसलिए भी जरूरी है क्योंकि विपक्षी पार्टियां लगातार उन्हें समर्थन दे तो रही हैं, लेकिन पहले ही दिन से लगातार आलोचना कर रही हैं।
टीवीके की तरफ से वकील अभिषेक सिंघवी ने याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तुरंत सुनवाई करने के लिए सहमति जताई। बुधवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस पर सुनवाई करेगी।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला तमिलनाडु विधानसभा की तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र को लेकर है। 4 मई को सामने आए नतीजों में इस सीट पर टीवीके प्रत्याशी श्रीनिवास सेतुपति ने द्रमुक (DMK) के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री के. आर. पेरियाकरुप्पन को एक वोट से मात दी। बहुमत हासिल करने में संघर्ष कर रही विजय की पार्टी के लिए एक-एक विधायक कीमती था। ऐसी स्थिति में पेरियाकरुप्पन ने मतगणना में अनियमितताओं का आरोप लगा मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। पेरियाकरुप्पन ने अपनी याचिका में दावा किया कि एक मतपत्र कि गलत जगह पर भेजे जाने की वजह से खारिज कर दिया गया है। इसी वजह से उनकी हार हुई है। इसलिए जांच होने तक सेतुपति को किसी भी विश्वास मत प्रक्रिया में भाग लेने से या फिर विधानसभा में प्रवेश करने से रोका जाए।
हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मद्रास हाईकोर्ट में जस्टिस विक्टोरिया गौरी और जस्टिस एन.सेंथिल कुमार की बेंच ने इस पर सुनवाई करते हुए मामले को गंभीर बताया। इसके बाद पीठ ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए टीवीके विधायक को अग्रिम आदेश तक फ्लोर टेस्ट या विधानसभा किसी भी कार्यवाही में शामिल होने से रोक दिया। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश सेतुपति के चुनाव को रद्द करने के समान नहीं है और न ही इससे पेरियाकरुप्पन को निर्वाचित घोषित किए जाने का कोई अधिकार मिलता है। बहुमत के लिए संघर्ष कर रही टीवीके के लिए कोर्ट का यह एक झटके के समान था।
टीवीके क्यों परेशान?
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों में 108 सीटों पर जीत कर आई टीवीके के लिए एक-एक सीट महत्वपूर्ण है। विजय द्वारा एक सीट से इस्तीफा देने के बाद उसके पास केवल 107 सीटें बाकी है। अन्य दलों के सहयोग के साथ उसके पास फिलहाल 120 विधायकों का समर्थन है। लेकिन अगर अब अगर यह विधायक भी वोट देने से चूक जाता है, तो टीवीके के पास केवल 1 सीट की बढ़त होगी। हालांकि, विजय की पार्टी के लिए राहत की बात यह है कि एआईएडीएमके के कुछ बागी विधायकों ने उनको समर्थन देने का ऐलान किया है।




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