Suvendu Adhikari Puts a Lock on Another of Mamata Projects New Land to Be Allotted to Adani for Port Construction ममता की एक और परियोजना पर शुभेंदु ने लगाया ताला, अडाणी को पोर्ट बनाने के लिए देंगे नई जमीन, India News in Hindi - Hindustan
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ममता की एक और परियोजना पर शुभेंदु ने लगाया ताला, अडाणी को पोर्ट बनाने के लिए देंगे नई जमीन

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि बुधवार को उनकी इस संबंध में अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के एमडी करण अडाणी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है।

Fri, 5 June 2026 06:50 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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ममता की एक और परियोजना पर शुभेंदु ने लगाया ताला, अडाणी को पोर्ट बनाने के लिए देंगे नई जमीन

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में प्रस्तावित महत्वाकांक्षी ताजपुर डीप-सी पोर्ट परियोजना को लेकर शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण अब ताजपुर में गहरे समुद्र के बंदरगाह का निर्माण व्यावहारिक नहीं रह गया है। इसके विकल्प के रूप में राज्य सरकार ने पास के ही दादनपात्रबार में इस परियोजना को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव रखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बुधवार को उनकी इस संबंध में अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के एमडी करण अडाणी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने परियोजना की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "मैंने ताजपुर बंदरगाह को लेकर करण अडाणी के साथ बैठक की है। अडाणी समूह पहले ही इस परियोजना से बाहर हो चुका था क्योंकि सरकार के पास जमीन न होने के कारण यह व्यावहारिक नहीं था। मैंने पहले भी कई बार कहा था कि जब तक रेल कनेक्टिविटी, गोदाम की सुविधाएं और कई हजार एकड़ जमीन उपलब्ध न हो तब तक यह बंदरगाह संभव नहीं है।"

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के मार्गदर्शन में उद्योग सचिव वंदना यादव के विभाग द्वारा किए गए मूल्यांकन में यह पाया गया है कि ताजपुर में पोर्ट बनाना नामुमकिन है। वहां कोई सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है।

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मुख्यमंत्री ने पश्चिम की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार विकास के इस अवसर को हाथ से जाने नहीं देगी। उन्होंने कहा, "हम राज्य के लोगों को निराश नहीं कर रहे हैं। विकल्प के तौर पर हमने ताजपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर दादनपात्रबार का प्रस्ताव दिया है, जहां कभी नमक का कारखाना हुआ करता था। वहां करीब 1,700 एकड़ जमीन उपलब्ध है और यह जगह करन अडाणी को सुझाई गई है। इस पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।"

यह घोषणा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और इसी विभाग के राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के साथ राज्य सचिवालय में हुई बैठक के बाद की गई। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार के साथ राजस्व साझाकरण के लिए पूरी तरह तैयार है।

टीएमसी सरकार के समय तैयार हुआ था खाका

ताजपुर डीप-सी पोर्ट परियोजना की परिकल्पना राज्य की तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल के दौरान की गई थी। इस ग्रीनफील्ड पोर्ट परियोजना में लगभग 15,000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान था, जबकि इससे जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास से लगभग 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश आने की उम्मीद थी। यह परियोजना अडाणी समूह को सौंपी गई थी। अक्टूबर 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद करण अडाणी को इस परियोजना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा था। हालांकि, तमाम चर्चाओं के बावजूद यह प्रोजेक्ट जमीन पर नहीं उतर सका।

क्यों अटकी रही परियोजना?

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर टेलिग्राफ को बताया कि पिछली सरकार ने कभी आधिकारिक तौर पर अडाणी समूह के पीछे हटने की बात नहीं स्वीकारी थी। सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी APSEZ को केंद्रीय गृह, रक्षा, विदेश और जहाजरानी मंत्रालयों से अनिवार्य मंजूरी मिलने का इंतजार था। कंपनी उन मंजूरियों के लिए आवश्यक सभी शर्तों को पूरा नहीं कर पा रही थी, जिससे काम लटकता गया।

जून 2025 में रद्द हुआ था पुराना करार

इस विवाद और देरी के चलते बंगाल कैबिनेट ने जून 2025 में अडाणी समूह के साथ पुराने करार को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया था, जिससे APSEZ के साथ चार साल का जुड़ाव खत्म हो गया। इसके बाद दिसंबर 2025 में 99 साल की लीज अवधि के साथ एक नया वैश्विक टेंडर जारी किया गया था। हालांकि, बाद में राज्य की नोडल निवेश एजेंसी पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) द्वारा इस टेंडर को भी रद्द कर दिया गया था। अब वर्तमान सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट को दादनपात्रबार में नए सिरे से शुरू करने की योजना बना रही है।