शुभेंदु सरकार आते ही सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, ममता सरकार में मिली थी जेड सिक्योरिटी
ममता बनर्जी सरकार ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। अब शुभेंदु अधिकारी की सरकार में उनकी सुरक्षा घटाकर वाई कैटेगरी की कर दी गई है।

पश्चिम बंगाल में सत्ता में बदलाव का असर सौरव गांगुली की सुरक्षा पर भी पड़ा है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान गांगुली की सुरक्षा को जेड कैटेगरी से घटाकर वाई कैटेगरी का दिया गया है। सौरव गांगुली फिलहाल पश्चिम बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। गौरतलब है कि बंगाल में नई सरकार बनने के बाद कई नेताओं और सांसदों की सुरक्षा में भी कटौती हुई है। बता दें कि साल 2023 तक सौरव गांगुली को वाई कैटेगरी की सुरक्षा ही मिली हुई थी। लेकिन उस साल ममता बनर्जी सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाकर जेड कैटेगरी की कर दी थी।
तरह-तरह की चर्चा
सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई हैं। वहीं, शुभेंदु सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि स्पेशल सुरक्षा केवल उन्हीं लोगों को दी जाएगी, जिनके लिए सुरक्षा एजेंसियां वास्तव में खतरा बताएंगे। पश्चिम बंगाल की सुरक्षा एजेंसियों ने विभिन्न प्रमुख हस्तियों को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा का रिव्यू किया था। इसके तहत गांगुली की सुरक्षा जरूरतों का दोबारा आकलन किया गया और सुरक्षा श्रेणी में संशोधन किया गया।
अब कितने सुरक्षा कर्मचारी रहेंगे
जानकारी के मुताबिक सौरव को 2023 में तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। उस समय उनकी सुरक्षा में 30 से 35 पुलिसकर्मी तैनात रहते थे। वहीं, उनके काफिले के साथ पायलट वाहन भी चलता था। बता दें कि जेड प्लस कैटगरी में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसमें 10 एसपीजी और एनएसजी कमांडो और बाकी राज्य पुलिस के जवान होते हैं। वहीं, वाई श्रेणी में सुरक्षाकर्मियों की संख्या घटकर 11 हो जाती है। इसमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफीसर्स (पीएसओ) शामिल होते हैं।
टीम इंडिया के सफल कप्तानों में शुमार
गौरतलब है कि सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में शुमार किए जाते हैं। गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने कई अहम सफलताएं हासिल की हैं। इसके अलावा नए टैलेंट्स के लिए उनकी कप्तानी को स्वर्णिम काल माना जाता है। उनकी कप्तानी में मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह जैसे नाम शामिल हैं। क्रिकेट के मैदान से दूर होने के बाद गांगुली ने क्रिकेट प्रशासक की भी सफल भूमिका निभाई। वह बीसीसीआई के प्रेसीडेंट भी रह चुके हैं। फिलहाल वह क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि तमाम राजनीतिक दलों ने सौरव को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की, लेकिन सौरव ने अभी तक सियासत से दूरी बना रखी है।




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