भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा; शुभेंदु अधिकारी का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को जवाब
Suvendu Adhikari: इस विवाद में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक बयान ने और आग लगा दी है। केरल में राष्ट्रीय गीत को लेकर चल रहे विवाद के बीच शशि थरूर ने सभी पांच अंतराओं को अनिवार्य बनाने की आवश्यकता पर सवाल उठाए।

Suvendu Adhikari on vande mataram row: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पद संभालते ही एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों और मदरसों में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य कर दिया है। सरकारी आदेश के अनुसार, अब सभी शिक्षण संस्थानों में सुबह की असेंबली यानी कि प्रार्थना सभा के दौरान पूरे राष्ट्रीय गीत का गायन अनिवार्य होगा। इस फैसले के बाद राजनीति तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे वापस लेने या मुस्लिम छात्रों को इससे छूट देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने फैसले का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना सभी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "यदि आप इस देश में रहना चाहते हैं तो आपको वंदे मातरम् और जन गण मन कहना होगा। आपको 26 जनवरी और 15 अगस्त का सम्मान करना होगा। यह भारतीय संस्कृति है। यह सनातन संस्कृति है। भारत को हिंदुस्तान और इंडिया दोनों के रूप में जाना जाता है। यह देश किसी और के हाथ में नहीं जा सकता।"
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि वंदे मातरम् पूरे राष्ट्र का गीत है और इसे किसी एक राज्य या धर्म से जोड़कर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आपत्ति
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. एसक्यूआर इलियास ने एक प्रेस बयान जारी कर इस अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग की। बोर्ड का तर्क है कि किसी भी छात्र को उसकी धार्मिक मान्यताओं के विपरीत कोई गीत या पाठ सुनाने के लिए मजबूर करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
इस विवाद में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक बयान ने और आग लगा दी है। केरल में राष्ट्रीय गीत को लेकर चल रहे विवाद के बीच शशि थरूर ने सभी पांच अंतराओं को अनिवार्य बनाने की आवश्यकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर कोई वंदे मातरम् का सम्मान करता है, लेकिन हर समारोह के शुरू और अंत में इसके सभी पांचों अंतराओं को गाना अनावश्यक और बोझिल है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग पहले दो अंतरे जानते हैं और वही पर्याप्त हैं।
भाजपा का थरूर पर पलटवार
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने थरूर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी की लाइन पर चलने का आरोप लगाया और पूछा, "आज राष्ट्रीय गीत पर समस्या है, क्या कल राष्ट्रगान से भी समस्या होगी?"
आपको बता दें कि इस साल की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम् गाना अनिवार्य कर दिया था। अब गीत के उन सभी छह अंतराओं को गाया जाएगा, जिनमें से चार को 1937 में हटा दिया गया था। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय गीत के गायन के दौरान सभी को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य है।




साइन इन