Suvendu Adhikari Bengal Government Takes Action in RG Kar Rape Murder Case of Mamata Govt 3 IPS Officers Suspended ममता बनर्जी के कार्यकाल में हुए RG कर रेप केस में शुभेंदु अधिकारी का ऐक्शन, 3 IPS अधिकारी सस्पेंड, India News in Hindi - Hindustan
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ममता बनर्जी के कार्यकाल में हुए RG कर रेप केस में शुभेंदु अधिकारी का ऐक्शन, 3 IPS अधिकारी सस्पेंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों IPS अधिकारी मामले को लापरवाहीपूर्ण तरीके से संभालने में कथित तौर पर शामिल थे, पीड़िता के माता-पिता को रिश्वत के रूप में पैसे की पेशकश की और अगस्त 2024 में हुए इस जघन्य अपराध के संबंध में एक अनाधिकृत संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।

Fri, 15 May 2026 04:55 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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ममता बनर्जी के कार्यकाल में हुए RG कर रेप केस में शुभेंदु अधिकारी का ऐक्शन, 3 IPS अधिकारी सस्पेंड

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने शुक्रवार को आरजी कर अस्पताल में रेप और मर्डर मामले की शुरुआती जांच के दौरान कथित लापरवाही और कर्तव्य में चूक के आरोप में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। बता दें कि ममता सरकार के कार्यकाल के समय साल 2024 में यह जघन्य मामला सामने आया था, जिसके बाद बड़े स्तर पर राज्य में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। राज्य सचिवालय में इस फैसले की घोषणा करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व उपायुक्त इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को उनके खिलाफ शुरू की गई विभागीय जांच के मद्देनजर सस्पेंड करने का आदेश दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों अधिकारी मामले को लापरवाहीपूर्ण तरीके से संभालने में कथित तौर पर शामिल थे, पीड़िता के माता-पिता को रिश्वत के रूप में पैसे की पेशकश की और अगस्त 2024 में हुए इस जघन्य अपराध के संबंध में एक अनाधिकृत संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपराध की वास्तविक जांच में हस्तक्षेप नहीं कर रही है, जो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई और विभागीय जांच का नेतृत्व राज्य के गृह सचिव मुख्य सचिव के मार्गदर्शन में करेंगे।

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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में अगस्त 2024 में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था। शुरुआती जांच में रेप और हत्या की आशंका सामने आई, जिसके बाद देशभर में डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए। मामले ने अस्पतालों में महिला डॉक्टरों की सुरक्षा, नाइट ड्यूटी व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

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पुलिस ने मामले में एक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार किया था और बाद में जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई थी। इस मामले के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और कई अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की। पीड़िता के परिवार और प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने सबूतों से छेड़छाड़ और मामले को दबाने की कोशिश के आरोप भी लगाए थे। घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गरमा गई थी और विपक्ष ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे।

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