बुरे दिन आ गए, शुभेंदु अधिकारी के साथ फोटो पोस्ट कर बोले हिमंत सरमा; क्या आया रिप्लाई
विधानसभा चुनाव में हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट पर 89,434 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की है। 57 वर्षीय नेता ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल केवल 'ट्रेलर' था और दूसरे कार्यकाल में 'फिल्म' आएगी। वह साल 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल के समकक्ष शुभेंदु अधिकारी के साथ एक तस्वीर पोस्ट की है। हालांकि, तस्वीर से ज्यादा चर्चाएं उनके कैप्शन की हो रही हैं, जिनमें उन्होंने 'बुरे दिनों' का जिक्र किया है। हालांकि, इस पोस्ट में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिखा है। वहीं, अधिकारी ने भी इसपर जवाब दिया है। एक ओर जहां बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। वहीं, असम में सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली।
सरमा की तरफ से शेयर की गईं तस्वीरें शपथ ग्रहण समारोह की हैं। उन्होंने लिखा, 'बुरे दिन...(आप जानते हैं किसके लिए)।' इसपर अधिकारी ने जवाब दिया, 'अंदाजा लगाने के लिए कोई इनाम नहीं मिलेगा, मुझे ऐसा ही लगता है।' खास बात है कि दोनों ही नेताओं ने अपनी पोस्ट में यह साफ नहीं किया है कि संदेश किसे लेकर था।
दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंत सरमा
सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही राज्य में लगातार तीसरी बार भाजपा के नेतृत्व में NDA यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बन गई है। उनके साथ चार विधायकों ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली जिनमें भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के चरण बोरो शामिल हैं।
धोती-कुर्ता पहने और गले में पारंपरिक गमछा डाले हुए मुख्यमंत्री और तीन विधायकों तेली, बोरा और नियोग ने असमिया में जबकि बोरो ने बोडो भाषा में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, सर्वानंद सोनोवाल, पबित्रा मारगेरिटा, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद थे।
जलुकबाड़ी से जीते हैं सरमा
विधानसभा चुनाव में सरमा ने जालुकबारी सीट पर 89,434 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की है। राज्य की विकास यात्रा जारी रखने का संकल्प जताते हुए 57 वर्षीय नेता ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल केवल 'ट्रेलर' था और दूसरे कार्यकाल में 'फिल्म' आएगी। वह साल 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
1996 में अपने पहले चुनाव में हार के बाद सरमा 2001 से लगातार जालुकबारी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कांग्रेस तथा भाजपा दोनों के टिकट पर जीत दर्ज कर चुके हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने सर्बानंद सोनोवाल के साथ मिलकर 2016 में असम में पार्टी की पहली सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई।
पश्चिम बंगाल में रचा इतिहास
9 मई को अधिकारी ने बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। भाजपा ने हाल में हुए चुनाव में 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट हासिल कीं। इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हुआ और पूर्वी भारत में भाजपा ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी चुनावी सफलता हासिल की।




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