लाइव दिखाएंगे बंगाल विधानसभा की कार्यवाही, जनता को पता चलेगा कि क्या हो रहा: शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि अब राज्य विधानसभा की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम असेंबली का लाइव टेलिकास्ट करेंगे ताकि जनता को यह पता चल सके कि आखिर क्या हो रहा है।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि अब राज्य विधानसभा की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम असेंबली का लाइव टेलिकास्ट इसलिए करेंगे ताकि जनता को यह पता चल सके कि आखिर क्या हो रहा है। शुभेंदु का यह फैसला अहम है क्योंकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार समेत कई राज्यों की विधानसभा का लाइव टेलिकास्ट किया जाता है, लेकिन अब तक बंगाल में ऐसा नहीं होता था। अब इस फैसले के बाद आम नागरिक भी विधानसभा की कार्यवाही का लाइव प्रसारण देख सकेंगे। उन्हें पता चल सकेगा कि आखिर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की ओर से कौन से मुद्दे उठाए जा रहे हैं। किन मसलों पर चर्चा हो रही है और राज्य के हित में अब क्या फैसले लिए जा रहे हैं।
इस बीच विधानसभा स्पीकर का भी चुनाव हो गया है। पहली बार के विधायक रतिंद्र बोस को सर्वसम्मति से स्पीकर चुन लिया गया है। उनके नाम का प्रस्ताव खुद सीएम शुभेंदु अधिकारी ने रखा था और टीएमसी की ओर से उनके मुकाबले कोई कैंडिडेट नहीं उतारा गया। सीएम शुभेंदु ने गुरुवार को ही ऐलान किया था कि कूच बिहार दक्षिण सीट से विधायक रतिंद्र बोस भाजपा के कैंडिडेट होंगे। यह पहला मौका है, जब उत्तर बंगाल के किसी विधायक को बंगाल विधानसभा का स्पीकर बनाया गया है। उत्तर बंगाल क्षेत्र से भाजपा को अच्छा समर्थन मिला है। ऐसे में उन्हें स्पीकर बनाना उसके इनाम के तौर पर देखा जा रहा है।
बंगाल की असेंबली में कुल 294 सदस्य हैं और भाजपा ने 207 सीटों पर जीत हासिल कर सरकार बनाई है। ऐसे में रतिंद्र बोस का विधानसभा स्पीकर बनना तय था और टीएमसी ने कैंडिडेट न उतारकर इस प्रक्रिया को और आसान कर दिया। रतिंद्र बोस को स्पीकर बनाने का बड़ा राजनीतिक और क्षेत्रीय संदेश भी है। बीते करीब एक दशक में उत्तर बंगाल भाजपा का गढ़ बनकर उभरा है। ऐसे में उसी क्षेत्र से स्पीकर देकर भाजपा ने जनादेश का सम्मान करने की कोशिश की है। रतिंद्र बोस के स्पीकर बनने की जानकारी देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मुझे पहले से ही पता था कि वह निर्विरोध चुने जाएंगे।
पेशे से सीए हैं रतिंद्र बोस, बचपन से आरएसएस के कार्यकर्ता
वहीं रतिंद्र बोस ने कहा कि मैं गंभीरता से अपने काम को करूंगा। यदि कोई जरूरत होगी तो असेंबली के वरिष्ठ सदस्यों से सलाह लेता रहूंगा। उन्होंने कहा कि मेरी नीति सबका साथ और सबका विकास वाली होगी। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे रतिंद्र बोस का आरएसएस से भी संबंध रहा है। वह सक्रिय राजनीति में आने से पहले आरएसएस के कार्यकर्ता थे। उन्होंने अपनी सीट से टीएमसी के अभिजीत भौमिक को 23 हजार वोटों से हराया था। बता दें कि टीएमसी के कार्यकाल के दौरान उसके वरिष्ठ विधायक बिमान बनर्जी स्पीकर थे।




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