Upcoming Muharram Processions Imamiyah Organization Appeals for Security and Cleanliness मोहर्रम पर प्रशासन से सुरक्षा व सफाई व्यवस्था की मांग, India News in Hindi - Hindustan
More

मोहर्रम पर प्रशासन से सुरक्षा व सफाई व्यवस्था की मांग

रूह-ए-अज़ा इमामिया तंजीम ने मोहर्रम के दौरान जुलूसों की सूची जारी की है और जिला प्रशासन से सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और मार्गों की सफाई की मांग की है। 22 से 26 जून तक विभिन्न क्षेत्रों में जुलूस निकाले जाएंगे। तंजीम ने प्रशासन से आवश्यक बैरिकेडिंग और पुलिस तैनाती का भी अनुरोध किया है।

Wed, 17 June 2026 06:02 PMNewswrap हिन्दुस्तान, बुलंदशहर
share
मोहर्रम पर प्रशासन से सुरक्षा व सफाई व्यवस्था की मांग

रूह-ए-अज़ा इमामिया तंजीम ने आगामी मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले जुलूसों के कार्यक्रम की सूची जारी करते हुए जिला प्रशासन से सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था तथा मार्गों की सफाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। इस संबंध में डीएम को ज्ञापन सौंपा गया है। तंजीम की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 22 जून से 26 जून तक विभिन्न तिथियों में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से जुलूस निकाले जाएंगे। जुलूस इमामबाड़ा कलां, मोहल्ला सादात, काजीवाड़ा, चौहट्टा, नरसलघाट, कानूनगोयान, खरंजा बाजार, अस्पताल रोड, काला आम चौराहा समेत निर्धारित मार्गों से होकर गुजरेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि मोहर्रम के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुलूसों में शामिल होते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मोहर्रम पर प्रशासन से सुरक्षा व सफाई व्यवस्था की मांग

ऐसे में जुलूस मार्गों की साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, विद्युत तारों की जांच और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें। तंजीम पदाधिकारियों ने प्रशासन से जुलूस मार्गों पर आवश्यक बैरिकेडिंग, यातायात प्रबंधन तथा पुलिस बल की तैनाती की भी मांग की है। तंजीम के अध्यक्ष जफर अब्बास रिजवी, इमामबाड़ा कलां के अध्यक्ष जावेद जाफरी, उपाध्यक्ष शाहनशाह रिजवी, सचिव अली शरार, जीशान जैदी तथा कोषाध्यक्ष शहरोज हैदर सहित अन्य पदाधिकारी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:25 जून को निकाली जाएगी छोटी चौकी जुलूस
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें: माह-ए-मोहर्रम के चांद की तस्दीक मंगलवार को हुई। इसके साथ माह-ए-गम का आगाज हो गया। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन का गम मनाने के लिए इमामबाड़ों और दरगाहों सहित अन्य स्थानों पर फर्श-ए-अजा बिछा (शोक या मातम का बिछौना) दिया गया।