Minister Recognizes Literary Contribution of Dr Karam Chandra Ahir in Promoting Panchpargania Language झाड़ लिपि के जनक डॉ करम चन्द्र अहीर को केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित, India News in Hindi - Hindustan
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झाड़ लिपि के जनक डॉ करम चन्द्र अहीर को केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने फुलवार गांव में डॉ करम चंद्र अहीर को उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ अहीर की रचनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी। डॉ अहीर ने 1980 से पंचपरगनिया भाषा के विकास के लिए काम किया और इस भाषा को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल कराने में मदद की।

Wed, 17 June 2026 06:09 PMNewswrap हिन्दुस्तान, रांची
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झाड़ लिपि के जनक डॉ करम चन्द्र अहीर को केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित

राहे, प्रतिनिधि। केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राहे प्रखंड के फुलवार गांव पहुंचकर प्रख्यात साहित्यकार डॉ करम चंद्र अहीर के घर पहुंचे। यहां उन्होंने भाषा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ अहीर को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद संजय सेठ ने कहा कि लेखक और साहित्यकार समाज के आदर्श होते हैं। उन्होंने कहा, पांच परगना में भाषाई जागृति की जो ज्योति डॉ करम चंद्र अहीर ने जलाई है, उसे इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। डॉ अहीर ने पंचपरगनिया भाषा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी。

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पंचपरगनिया भाषा के प्रति समर्पण:

डॉ करम चंद्र अहीर ने वर्ष 1980 से पंचपरगनिया भाषा के विकास के लिए काम शुरू किया। 1982 में उन्होंने पंचपरगनिया भाषा विकास समिति का गठन किया। समिति के सक्रिय सदस्यों के सहयोग से इस भाषा को रांची विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल कराया गया। इनके सहयोगी के रूप में परमानंद महतो, राजकिशोर सिंह, गोरेंद्र नाथ गोंझू, भूतनाथ प्रमाणिक, शक्तिधर अधिकारी, बुटन देवी, सोमवारी देवी, ज्योति लाल महादानी, आशुतोष कोइरी आदि ने सहयोग दिया।

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उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान:

इन्होंने पंचपरगनिया भाषा के लिए झाड़ लिपि का भी आविष्कार किया। वर्ष 2008 में उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ अहीर द्वारा रचित प्रमुख पुस्तकें पंचपरगनिया भाषा का इतिहास, आदर्श पंचपरगनिया व्याकरण और पंचपरगनिया भाषा का व्याकरणिक अध्ययन प्रमुख हैं। मौके पर रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धीरज महतो विनय, मेघनाथ महतो,ज्योति कोइरी, गंगाधर साव, द्रोण सिंह मुंडा, मौजूद थे.

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