इस्तीफा दिया तो तमिलनाडु में भाजपा का पूरा घाटा, अन्नामलाई का कुछ नहीं जाता; जानिए कैसे
तमिलनाडु में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई को रोकने में भाजपा जी-जान से जुटी है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अच्छे से पता है कि अगर अन्नामलाई छोड़कर जाते हैं तो इस घाटे की भरपाई आसान नहीं होने वाली…

तो क्या अन्नामलाई भाजपा छोड़कर नहीं जा रहे हैं? यह सवाल अब तेजी से उठने लगा है। एक दिन पहले तक यह माना जाने लगा था कि अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ दी है। कहा जा रहा था कि अब वह अपनी पार्टी बनाने वाले हैं। लेकिन अब चीजें बदलती दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ने का विचार त्याग दिया है। बता दें कि अन्नामलाई मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। इस दौरान उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात हुई थी। असल में अन्नामलाई के भाजपा छोड़ने पर पार्टी के लिए कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो जाएंगी। इसलिए पार्टी उन्हें छोड़ना नहीं चाहती है। हकीकत तो यह है कि अन्नामलाई के छोड़कर जाने पर भाजपा का ही घाटा है।
क्यों अन्नामलाई को रोकने में जुटी भाजपा
भाजपा अन्नामलाई को पार्टी छोड़कर नहीं जाने देना चाहती है। इसके पीछे कई वजहें हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह तो यही है कि अन्नामलाई तमिलनाडु में भाजपा का सबसे मशहूर चेहरा हैं। यहां तक कि साल 2025 में नैनर नागेंद्रन के पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने के बावजूद वह अभी भी सबसे जाना-पहचाना चेहरा हैं। ऐसे में उनका पार्टी छोड़कर जाना न सिर्फ पार्टी के लिए शर्मनाक होगा, बल्कि एक कॉम्पटीटर भी पैदा कर देगा। अगर अन्नामलाई अपनी खुद की पार्टी बनाते हैं तो वह भाजपा के अन्य नेताओं को भी अपनी तरफ खींच सकते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि कुछ एआईएडीएमके नेता भी मौके की तलाश में हैं। अगर अन्नामलाई नई पार्टी बनाते हैं तो वह भी उनके साथ जा सकते हैं। संभवत: यही वजह है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अन्नामलाई को मनाने में जोर-शोर से जुटा हुआ है।
क्या चाहता है भाजपा शीर्ष नेतृत्व
जानकारी के मुताबिक भाजपा का शीर्ष नेतृत्व किसी कीमत पर नहीं चाहता कि अन्नामलाई पार्टी छोड़कर जाएं। न्यूज18 के मुताबिक बैठक के दौरान अन्नामलाई ने शीर्ष नेतृत्व को बताया कि वह इस्तीफा देना चाहते हैं। इसके जवाब में वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें तत्काल ऐसा करने से मना किया। अन्नामलाई से कहा गया कि पार्टी अभी भी उनके विकल्पों की तलाश कर रही है। साथ ही वह ऐसे रास्ते भी बना रही है ताकि तमिलनाडु का राजनीति में भाजपा का सबसे पहचाना जाने वाला चेहरा उनके साथ बना रहे।
भाजपा छोड़ना क्यों चाहते हैं अन्नामलाई
अन्नामलाई पूर्व में आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं। उन्हें तमिलनाडु में भाजपा का सबसे आक्रामक चेहरा माना जाता है। प्रदेश अध्यक्ष के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सलाह दी थी कि भाजपा को द्रविड़ियन पार्टीज पर निर्भर रहने की जगह, खुद की अपनी पहचान बनानी चाहिए। अंदरूनी जानकारी के मुताबिक भाजपा की गठबंधन की रणनीति, खासतौर पर 2026 विधानसभा चुनाव से पहले एआईएडीएमके के साथ जाने का फैसला अन्नामलाई और पार्टी के बीच दरार की वजह बना। अन्नामलाई का तर्क था कि इस गठबंधन ने प्रदेश में भाजपा की बढ़त को कमजोर कर दिया।
पार्टी को लिखा था पांच पन्नों का लेटर
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अपने इस्तीफे में अन्नामलाई ने इस बात का जिक्र किया है कि गठबंधन होने के बाद भाजपा के वोट में तेजी से गिरावट आई है। उन्होंने कहाकि गठबंधन ने पार्टी को सियासी तौर पर नुकसान पहुंचाया है। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक अन्नामलाई ने पांच पेज का एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें पार्टी में दरकिनार किया जा रहा है। इसमें यह भी कहा गया कि अन्नामलाई ने यह भी कहाकि लोकसभा चुनाव में 11 फीसदी की तुलना में विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट सिर्फ तीन परसेंट रह गया।




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