Big Political Setback to Mamata Banerjee Rebel TMC Leader Ritabrata Banerjee elected LoP ममता बनर्जी को बड़ा झटका, स्पीकर ने बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को दी LoP की मान्यता, India News in Hindi - Hindustan
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ममता बनर्जी को बड़ा झटका, स्पीकर ने बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को दी LoP की मान्यता

ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में बड़ा झटका लगा है। यहां पर टीएमसी से टूटकर अलग हुए बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना है। ऋतब्रत बनर्जी ने इसको लेकर बयान भी जारी किया है।

Wed, 3 June 2026 05:58 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान
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ममता बनर्जी को बड़ा झटका, स्पीकर ने बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को दी LoP की मान्यता

ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में बड़ा झटका लगा है। यहां पर टीएमसी से टूटकर अलग हुए बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना है। ऋतब्रत बनर्जी ने इसको लेकर बयान भी जारी किया है। उन्होंने कहाकि तृणमूल विधायक दल में 58 विधायकों की टीम है, जिन्होंने पार्टी चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की, दो अन्य विधायक भी हमारे खेमे में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जावेद खान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन और शिउली साहा तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के उपनेता होंगे। उन्होंने आगे कहाकि हम बंगाल सरकार की उन नीतियों का विरोध करेंगे जो हमें गलत लगती हैं, लेकिन बेवजह विरोध नहीं करेंगे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस विधायक अखरुज्जमां ने कहाकि विपक्ष के नेता के चुनाव में पार्टी नेतृत्व ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया।

ममता बनर्जी से कर डाली यह मांग
इसके साथ ही ऋतब्रत ने ममता बनर्जी से एक खास मांग भी की है। उन्होंने कहाकि हम ममता बनर्जी से अनुरोध करते हैं कि वह तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाएं। उन्होंने आगे कहाकि संसदीय मानदंडों के अनुसार पश्चिम बंगाल विधानसभा में हम ही असली और मुख्य विपक्षी दल हैं। ऋतब्रत ने यह भी कहाकि पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक दल का दर्जा देने की तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट की मांग को स्वीकार कर लिया है।

दिन में विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात
इससे पहले सदन में विपक्षी खेमे के शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदलने वाले एक कदम के तहत, ऋतब्रत बनर्जी ने बागी विधायक संदीपन साहा और अन्य असंतुष्ट विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और 58 विधायकों के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र सौंपे। बागी गुट ने एक नए नेतृत्व ढांचे का भी प्रस्ताव रखा था, जिसमें ऋतब्रत बनर्जी को विपक्षी विधायक दल का नेता, जावेद खान, संदीपन साहा और शिउली साहा को उपनेता तथा रघुनाथगंज के विधायक अखरुज्जमां को मुख्य सचेतक नामित किया।

सीएम की बैठक में पहुंचे बागी
इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई प्रशासनिक समीक्षा बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस घटनाक्रम को विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब तक के सबसे बड़े आंतरिक विद्रोह का सामना कर रही मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल के भीतर एक नए राजनीतिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। तृणमूल विधायक दल में संभावित विभाजन की आहट के बीच ममता बनर्जी की पुरानी वफादार मानी जाने वाली विधायक नयना बंदोपाध्याय, कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम, अशोक देव और कुणाल घोष राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित इस प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए।

ममता के धरने से बनाई थी दूरी
महत्वपूर्ण बात यह है कि बागियों की इस बैठक में शामिल होने वाले विधायकों में से कोई भी मंगलवार को मध्य कोलकाता में ममता बनर्जी के धरने में नजर नहीं आया था, जो पार्टी के पारंपरिक नेतृत्व और असंतुष्ट गुट के बीच बढ़ती खाई को साफ दर्शाता है। दिलचस्प बात यह रही कि हकीम, बंदोपाध्याय, देव और घोष सहित कालीघाट (ममता बनर्जी के आवास) खेमे से जुड़े कई नेताओं ने विधानसभा में हुई बागियों की बैठक से दूरी बनाए रखी, लेकिन वे मुख्यमंत्री की प्रशासनिक बैठक में जरूर पहुंचे।

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इससे कुछ ही दिन पहले, वरिष्ठ तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार और पार्टी के छह विधायकों ने कल्याणी में शुभेंदु अधिकारी द्वारा बुलाई गई प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया था। इससे विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद विपक्षी खेमे के भीतर बदलते समीकरणों को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई थी।