सांसद मुख्यमंत्री बन सकता है? सवाल पर शशि थरूर ने दिया दिलचस्प जवाब, क्या कहा
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम सोमवार चार मई को आएंगे। इन राज्यों में केरल भी शामिल है। केरल के चुनाव परिणाम और यहां पर अगले सीएम फेस को लेकर रविवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर से सवाल पूछा गया।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम सोमवार चार मई को आएंगे। इन राज्यों में केरल भी शामिल है। केरल के चुनाव परिणाम और यहां पर अगले सीएम फेस को लेकर रविवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर से सवाल पूछा गया। इस सवाल के जवाब में थरूर ने भी बेहद दिलचस्प अंदाज में जवाब दिया। असल में थरूर से पूछा गया था कि क्या एक सांसद भी मुख्यमंत्री बन सकता है? इसके जवाब में थरूर ने कहाकि मैं समझ रहा हूं कि आप मुझसे क्या कहलवाना चाहते हैं। उन्होंने कहाकि इसका जवाब बेहद स्पष्ट है। कांग्रेस पार्टी में एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया है। इसका पालन करके ही नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को मतदान हुआ था और नतीजें चार मई को आएंगे।
हमारे यहां लोकतंत्र का पालन
शशि थरूर ने कहाकि चुनाव परिणाम आने के बाद सभी जीते हुए विधायक पार्टी अध्यक्ष के प्रतिनिधि से मिलते हैं। उस प्रतिनिधि को यह बताया जाएगा कि विधायक चाहते क्या हैं। इसके बाद वह दिल्ली जाएगा और हाई कमान से मिलकर विधायकों के मंतव्य से उन्हें परिचित कराएगा। इसके बाद हाई कमान उसी के मुताबिक अंतिम फैसला लेगा। वह किसी नियम या फिर सीमा से बंधा हुआ नहीं है। उन्हें जो पसंद होगा वह उसे चुनेंगे। यह उनके ऊपर निर्भर करता है कि वह क्या फैसला करते हैं।
तो हैरान करने वाला नतीजा होगा
एग्जिट पोल में यूडीएफ को बढ़त पर कांग्रेस सांसद ने कहाकि हमारे देश में एग्जिट पोल में बहुत सारी दिक्कतें हैं। मैं उन पर खास तौर पर भरोसा नहीं करना चाहता। लेकिन वे सभी एक-दूसरे से सहमत हैं, जो कमाल की बात है। चार अप्रैल से मैंने जिन भी अलग-अलग पार्टियों के एक्सपर्ट, पत्रकार, ऑब्ज़र्वर और पॉलिटिकल एनालिस्ट से बात की है, वे सभी इस बात पर एकमत हैं कि यह यूडीएफ की जीत होगी। इसलिए अगर यह उस तरह की जीत नहीं होती तो यह एक हैरान करने वाला नतीजा होगा। इसलिए मुझे लगता है कि हम यह देखने के लिए यहां हैं कि कल सुबह क्या नतीजा आता है।
थरूर ने आगे कहाकि मैं इस बात से सहमत हूं कि यह पहली बार है जब एलडीएफ देश में कहीं भी सत्ता में नहीं है। जब हम 2011 में जीते थे तब एलडीएफ केरल और बंगाल दोनों जगह हार गई थी। लेकिन फिर भी वो त्रिपुरा में सत्ता में थे। लेकिन इस बार वह कहीं भी सत्ता में नहीं हैं।
दीपा दासमुंशी ने क्या कहा
उधर, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की महासचिव और कांग्रेस में केरल मामलों की प्रभारी दीपा दासमुंशी ने रविवार को कहा कि यूडीएफ के सहयोगियों ने गठबंधन के सत्ता में आने की स्थिति में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला कांग्रेस पर छोड़ दिया है। दासमुंशी ने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर अटकलें पार्टी के भीतर की तुलना में सोशल मीडिया पर अधिक है। उन्होंने कहाकि कांग्रेस और हमारे सहयोगी, सभी जानते हैं कि एक प्रक्रिया है। परिणाम घोषित होने के बाद, पार्टी अपनी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगी। निर्वाचित विधायकों से परामर्श के बाद आला कमान अंतिम निर्णय लेगा।




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