ममता बनर्जी की सीट पर बवाल, स्ट्रांग रूम में भाजपा के झंडे वाले वाहनों के प्रवेश का आरोप
पश्चिम बंगाल में सोमवार यानी कल, मतगणना होनी है। इससे पहले ही रविवार को यहां पर जमकर हंगामा हुआ। मामला बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर सीट के मतगणना केंद्र का है।

पश्चिम बंगाल में सोमवार यानी कल, मतगणना होनी है। इससे पहले ही रविवार को यहां पर जमकर हंगामा हुआ। मामला बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर सीट के मतगणना केंद्र का है। टीएमसी कार्यकर्ताओं का दावा है कि भाजपा का झंडा लगी दो गाड़ियों को उस परिसर के अंदर जाने की अनुमति दी गई, जहां पर ईवीएम रखी गई हैं। बता दें कि यही वह सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल स्थित मतगणना केंद्र है, जहां पर ममता बनर्जी ने बीते गुरुवार की रात चार घंटे तक धरना दिया था। उस वक्त आरोप लगाया गया था कि अनधिकृत लोगों को स्ट्रांगरूम में प्रवेश की अनुमति दी गई।
कैंप कर रहे हैं टीएमसी कार्यकर्ता
टीएमसी कार्यकर्ता सखावत मेमोरियल मतगणना केंद्र पर टीमएसी कार्यकर्ता 100 मीटर के दायरे में कैंप कर रहे हैं। इन कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा का झंडा लगी दो कारें परिसर में घुसीं और स्ट्रांगरूम के करीब पहुंचीं। एक टीएमसी कार्यकर्ता ने कहाकि मौके पर तैनात सुरक्षा बल बिना किसी वैध आईडी के किसी व्यक्ति या वाहन को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। फिर इन वाहनों को अंदर कैसे जाने दिया गया? कार्यकर्ता ने आगे कहाकि जब हम लोगों ने इसका विरोध किया तो केंद्रीय बलों ने हमें 100 मीटर दूर जाने का आदेश दे दिया।
अधिकारियों का क्या है पक्ष
टीएमसी का दावा है कि वहां मौजूद पुलिस ने वादा किया कि इन वाहनों को वहां से हटा दिया जाएगा। लेकिन यह वाहन वहां पर कुछ देर तक रहे। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहाकि कार हरीष मुखर्जी रोड से गुजर रही थी। सुरक्षा बलों और पुलिस ने कार को चेक किया। कार में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, इसलिए उसे वहां से जाने दिया गया। पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच सत्ता के लिए घमासान मचा हुआ है। दोनों ही पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता प्रदेश भर में स्ट्रांगरूम की निगरानी में जुटे हुए हैं। ममता बनर्जी भले ही बड़े अंतर से जीत का दावा कर रही हैं। लेकिन वह भी बार-बार ईवीएम में छेड़छाड़ और मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जता रही हैं।
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टीएमसी कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप
ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और मतदान एजेंट से ईवीएम स्ट्रांगरूम की चौबीसों घंटे निगरानी करने की अपील किए जाने के बाद पार्टी उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा ने गुरुवार को खुदीराम अनुशीलन केंद्र में अनियमित गतिविधियों का आरोप लगाते हुए वहां धरना दिया जबकि निर्वाचन आयोग ने उनके आरोपों को खारिज किया। हावड़ा में तृणमूल ने स्ट्रॉन्गरूम से सटे स्थान पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे मरम्मत कार्य का विरोध किया, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने काम अस्थायी रूप से रोक दिया।
डाक मतपत्रों पर भी आरोप
सत्तारूढ़ दल ने शनिवार को निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई और खुदीराम अनुशीलन केंद्र में ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम में डाक मतपत्रों के लिफाफों की अनधिकृत छंटाई का आरोप लगाया। शनिवार को पश्चिम बर्द्धमान जिले के आसनसोल कॉलेज और उत्तर 24 परगना जिले के बारासात सरकारी कॉलेज में बने स्ट्रॉन्गरूम के बाहर भी ऐसे ही दृश्य देखने को मिले, जहां तृणमूल कार्यकर्ताओं ने यह आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया कि सीसीटीवी कैमरे कई मिनट तक बंद रहे।
भाजपा ने क्या कहा
निर्वाचन आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निगरानी कैमरे लगातार काम कर रहे थे। भाजपा के प्रवक्ता सजल घोष ने पत्रकारों से कहाकि बंगाल के लोगों को यह बात हास्यास्पद लग रही है कि अनुचित साधनों और बल प्रयोग की रणनीति से चुनाव जीतती रही टीएमसी अब तरह-तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहाकि क्या वे हार से डर रहे हैं?




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