फलता में दोबारा वोटिंग आज, अपने ही गढ़ में बगैर उम्मीदवार TMC; BJP ने किसे उतारा
मतदान से पहले जहांगीर खान ने पुलिस पर्यवेक्षक अजयपाल शर्मा को सार्वजनिक रूप से चुनौती भी दी थी और कहा था कि 'पुष्पा' की तरह वह भी कभी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। हालांकि, अब उन्होंने चुनाव से नाम वापस ले लिया है।

हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे के बीच पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर गुरुवार को दोबारा वोटिंग होने जा रही है। खास बात है कि तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर पार्टी के उम्मीदवार ने ही अंतिम समय में नाम वापस ले लिया है। ऐसे में यहां EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान का नाम तो होगा, लेकिन वह उम्मीदवारों में शामिल नहीं हैं। यहां 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद चुनाव आयोग को कुछ मतदान केंद्रों पर अनियमितताएं की शिकायतें मिली थीं। इसी कारण आयोग ने इस सीट पर पुनर्मतदान की घोषणा की थी।
खुद को पुष्पा बताते थे जहांगीर खान
खान फलता में प्रचार अभियान के दौरान सबसे चर्चित चेहरों में एक थे। उन्होंने फिल्म 'पुष्पा' के मुख्य किरदार के इर्द-गिर्द अपनी छवि गढ़ने की कोशिश की थी और कई बार खुद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया था, जो दबाव के आगे नहीं झुकेगा। पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान खान ने 'पुष्पा' के किरदार के दबंग अंदाज को अपनाया था और इस फिल्म का मशहूर संवाद 'पुष्पा झुकेगा नहीं' बोला था।
मतदान से पहले खान ने पुलिस पर्यवेक्षक अजयपाल शर्मा को सार्वजनिक रूप से चुनौती भी दी थी और कहा था कि 'पुष्पा' की तरह वह भी कभी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। खान के चुनाव मैदान से पीछे हटने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं दोनों ने ही कहा कि एक उम्मीदवार जिसने कभी न झुकने का वादा किया था। अब खुद चुनाव मैदान से पीछे हट चुके हैं।
डबल सुरक्षा के साथ हो रहा है मतदान
आयोग ने बुधवार को बताया कि मतदान से पूर्व सभी मतदान कर्मियों की तैनाती और सामग्री वितरण की प्रक्रिया फलता स्थित डिस्पर्सल सेंटर से सुचारु रूप से पूरी की जा रही है। मतदान दलों को समय पर बूथों की ओर रवाना किया जा रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गई है। पूरे क्षेत्र में स्थिति पर सतत नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके।
CPF जवानों की होगी तैनाती
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CPF) के आठ जवान तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान प्रत्येक बूथ पर केवल चार जवानों को तैनात किया गया था।
निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'आयोग इस बार किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है।' अधिकारी ने बताया कि फलता विधानसभा क्षेत्र में 285 मतदान केंद्र हैं और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां तैनात की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पुनर्मतदान के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती पूर्व की तुलना में लगभग दोगुनी होगी।
30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी तैनात
किसी भी गड़बड़ी की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात रहेंगे। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा, 'उद्देश्य यह है कि मामूली अशांति की स्थिति में भी तत्काल हस्तक्षेप किया जा सके।' उन्होंने बताया कि आयोग ने निगरानी व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। प्रत्येक मतदान केंद्र के भीतर दो वेब कैमरे और बाहर एक कैमरा लगाया जाएगा। जबकि मतदान प्रक्रिया और आसपास के क्षेत्रों की लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी।
ड्रोन से हो सकती है निगरानी
अधिकारी ने बताया कि पुनर्मतदान के दिन ड्रोन निगरानी पर भी विचार किया जा रहा है। इस बीच, राज्य पुलिस ने पुनर्मतदान से पहले कार्रवाई शुरू कर दी है। बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमने कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें फलता पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सईदुल खान भी शामिल हैं।'
भाजपा ने किसे उतारा
मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने घोषणा की कि वह गुरुवार को होने वाले मतदान में उम्मीदवार नहीं रहेंगे। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला खान का व्यक्तिगत निर्णय है, पार्टी का नहीं। भारतीय जनता पार्टी ने जहांगीर खान के खिलाफ देबांग्शु पांडा को उम्मीदवार बनाया है।




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