बंगाल में अब घुसपैठियों की खैर नहीं, आ गया CM शुभेंदु का 'ट्रिपल डी' प्लान; जानें कैसे करेगा काम
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ-साफ कहा कि अवैध घुसपैठियों की पता लगाने और हटाने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और सरकार अब निर्वासन की कार्यवाही जल्द शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हमने मतदाता सूची में उनके नाम ढूंढे, फिर उन्हें हटा दिया और अब निर्वासन का समय आ गया है।

पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद प्रशासन के तेवर बदल गए हैं। यही कारण है कि ताबड़तोड़ फैसले लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठियों की पहचान ( Detect ) और हटाने ( Delete ) की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और जल्द ही उनके निर्वासन (Deportation) की कार्यवाही शुरू करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले हमने मतदाता सूची में उनके नाम ढूंढे, फिर उन्हें हटाया और अब निर्वासन का समय आ गया है। हालांकि, उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई।
मतदाता सूची से नाम हटाने के बाद निर्वासन की तैयारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित वरदान मार्केट क्षेत्र में सोमवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जनगणना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसे पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान जानबूझकर टाला गया था। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए कथित अवैध प्रवासियों को जल्द ही देश से बाहर निकाला जाएगा।
सीमा सुरक्षा पर असम मॉडल
दूसरी ओर भाजपा सरकार बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए असम मॉडल का अनुसरण कर रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि 45 दिनों के अंदर बीएसएफ को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
सत्ता संभालते ही बड़े नीतिगत बदलाव
9 मई को मुख्यमंत्री पद संभालने के मात्र 10 दिनों में शुभेंदु अधिकारी ने 16 प्रमुख नीतिगत फैसले लिए हैं, जिनमें कई तृणमूल सरकार की योजनाओं को पलटना शामिल है। इनमें से मुख्य बदलाव ये हैं...
- धर्म आधारित कल्याणकारी योजनाओं को समाप्त करना
- लक्ष्मी भंडार योजना को 'अन्नपूर्णा' योजना में बदलना
- केंद्रीय परियोजनाओं को तेज गति देना
- नए आपराधिक कानून लागू करना
- सड़कों पर नमाज पर प्रतिबंध
- अवैध निर्माणों और सार्वजनिक धार्मिक अनुष्ठानों पर सख्ती
तिलजाला और पार्क सर्कस का सख्त संदेश
तिलजाला में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने तिलजाला में हुई कार्रवाई देखी है। उनके पास कोई बिल्डिंग प्लान नहीं था। हम अब ऐसी चीजों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पार्क सर्कस में जो किया गया है, उसकी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। वहीं, अस्पताल में पुलिस चौकी तोड़फोड़ के मामले में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें 200% सजा मिलेगी।
असम से लिया प्रेरणा, पूर्वोदय की दिशा में सहयोग
पिछले सप्ताह असम में हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि बंगाल अब असम की तर्ज पर घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा मजबूत करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पूर्वोदय' विजन के तहत पूर्वोत्तर राज्यों के साथ घनिष्ठ सहयोग का वादा किया। अधिकारी ने तुष्टीकरण की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली तृणमूल सरकार ने बीएसएफ को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन तक उपलब्ध नहीं कराई, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हुई। उन्होंने जोर दिया कि असम और त्रिपुरा में जो राष्ट्रहित में काम हुआ है, वही अब भाजपा शासित बंगाल में भी होगा।




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