राहुल गांधी ने पीएम मोदी से अडानी पर पूछा सवाल, लेकिन कर बैठे बड़ी गलती; लोग ले रहे मजे
राहुल गांधी ने पीएम मोदी के नॉर्वे दौरे और अडानी ग्रुप को लेकर एक ग्राफिक शेयर किया, लेकिन इसमें नॉर्वे की जगह अलग झंडा लगा दिया। इस बड़ी तथ्यात्मक चूक के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे और अडानी समूह को लेकर एक ग्राफिक शेयर किया, लेकिन इस ग्राफिक में एक ऐसी बड़ी तथ्यात्मक गलती हो गई जिसे इंटरनेट यूजर्स ने तुरंत पकड़ लिया। राहुल गांधी ने नॉर्वे का जिक्र करते हुए जिस झंडे की तस्वीर लगाई, वह असल में स्वीडन का झंडा है। इस चूक के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है और लोग कांग्रेस की रिसर्च टीम पर सवाल उठा रहे हैं। आइए विस्तार से समझते हैं यह पूरा विवाद क्या है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अपने अहम यूरोप दौरे पर हैं। 18 मई को पीएम मोदी स्वीडन का दौरा पूरा करके नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंचे। यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला नॉर्वे दौरा है। इसी बीच, राहुल गांधी के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया गया। इस पोस्ट में एक तुलनात्मक ग्राफिक के जरिए पीएम मोदी और अडानी समूह पर तंज कसने की कोशिश की गई थी।
ग्राफिक में दो बातें लिखी गई थीं-
बाईं तरफ लिखा: नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड ने अडानी ग्रीन एनर्जी को अपने पोर्टफोलियो से बाहर किया। (27 फरवरी, 2026 - बिजनेस स्टैंडर्ड के हवाले से)।
दाईं तरफ लिखा: पीएम मोदी ने नॉर्वे का ऐतिहासिक दौरा शुरू किया - 43 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा (18 मई, 2026 - एमएसएन के हवाले से)।
ग्राफिक के बीच में एक व्यक्ति (संभवत: पीएम मोदी) को दिखाया गया है, जिसके चेहरे पर 'अडानी' का लोगो लगा हुआ है और पीछे दो देशों के झंडे हैं। दाईं ओर भारत का तिरंगा है और बाईं ओर एक यूरोपीय देश का झंडा।
ग्राफिक में क्या हुई बड़ी चूक?
विवाद का मुख्य कारण बाईं ओर लगा झंडा है।
क्या दिखाया गया: ग्राफिक में नीले रंग के बैकग्राउंड पर पीले रंग के 'नॉर्डिक क्रॉस' वाला झंडा दिखाया गया है। यह आधिकारिक तौर पर स्वीडन का राष्ट्रीय ध्वज है।
क्या होना चाहिए था: चूंकि ग्राफिक में पूरी बात नॉर्वे की हो रही है, इसलिए वहां नॉर्वे का झंडा होना चाहिए था। नॉर्वे का झंडा लाल रंग का होता है, जिसमें सफेद बॉर्डर के साथ नीले रंग का क्रॉस बना होता है।
सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन
ग्राफिक पोस्ट होते ही सोशल मीडिया यूजर्स की पैनी नजर इस गलती पर पड़ गई। कुछ ही मिनटों में लोगों ने स्वीडन और नॉर्वे के असली झंडों की तस्वीरें शेयर कर कांग्रेस के सोशल मीडिया और रिसर्च सेल को ट्रोल करना शुरू कर दिया। यूजर्स का कहना है कि जो टीम एक देश के प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और निवेश को लेकर इतने गंभीर आरोप लगा रही है, उसे कम से कम यूरोपीय देशों के झंडों का सही ज्ञान तो होना ही चाहिए।
क्या है पीएम मोदी के नॉर्वे दौरे की सच्चाई?
ताजा घटनाक्रमों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम है। पीएम मोदी 18-19 मई 2026 को नॉर्वे में हैं। 1983 के बाद यह किसी भारतीय पीएम का पहला नॉर्वे दौरा है। ओस्लो में पीएम मोदी तीसरे 'भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' में भाग ले रहे हैं, जहां नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता मौजूद हैं।
नॉर्वे पहुंचने पर 18 मई को पीएम मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया गया है। यह उनका 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इस दौरे में व्यापार, ग्रीन टेक्नोलॉजी, ब्लू इकॉनमी और दोनों देशों के बीच निवेश (विशेषकर नॉर्वे के पेंशन फंड के भारतीय बाजार में निवेश) को लेकर अहम समझौते हो रहे हैं।
फिलहाल, राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस फ्लैग-मिस्टेक (झंडे की गलती) को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है और न ही खबर लिखे जाने तक उस ग्राफिक को डिलीट किया गया है। लेकिन इस छोटी सी ग्राफिक गलती ने अडानी मुद्दे से ध्यान हटाकर कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम की फजीहत जरूर करा दी है।
राहुल का प्रधानमंत्री पर कटाक्ष: छिपाने के लिए कुछ नहीं होता तो डरने की जरूरत नहीं पड़ती
इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नॉर्वे में पत्रकारों के सवाल नहीं लेने के दावों को लेकर सोमवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, "जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता तो डरने की जरूरत नहीं पड़ती।" कांग्रेस नेता ने नॉर्वे में एक पत्रकार का वीडियो साझा करते हुए 'एक्स' पर ये टिप्पणी की। वीडियो के माध्यम से दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से सवाल नहीं लिए।
राहुल गांधी ने कहा, "भारत की छवि का क्या होता है जब दुनिया एक समझौतावादी प्रधानमंत्री को घबराते हुए और कुछ सवालों से भागते हुए देखती है?" प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों पांच देशों की छह दिवसीय यात्रा पर हैं। वह इस यात्रा क्रम में भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने और नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ प्रमुख द्विपक्षीय कार्यक्रम के लिए दिन में ओस्लो पहुंचे थे।




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