कौन हैं IFS अधिकारी सिबी जॉर्ज? नॉर्वे में पत्रकार को दिया मुंहतोड़ जवाब, मिल चुके हैं कई अवॉर्ड
सिबी जॉर्ज ने अपने राजनयिक करियर की शुरुआत काहिरा से की थी। इससे पहले वह जापान, स्विट्जरलैंड, कुवैत और अन्य कई देशों में सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं।

पीएम मोदी के यूरोप दौरे के बीच IFS अधिकारी सिबी जॉर्ज चर्चा में आ गए हैं। नीदरलैंड्स के बाद अब नॉर्वे में भी उनकी बेबाक और आक्रामक अंदाज की हर तरफ तारीफ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान ओस्लो में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में जब नॉर्वे की एक महिला पत्रकार ने भारत के लोकतंत्र, मानवाधिकार और प्रेस की आजादी पर उंगली उठाई, तो सिबी जॉर्ज ने उन्हें करारा जवाब दिया। इंटरनेट पर लोग सिबी जॉर्ज को दूसरा एस. जयशंकर' भी बता रहे हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड और स्वीडन की अगम यात्रा के बाद नॉर्वे पहुंचे हैं। उनके नॉर्वे दौरे के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब एक नॉर्वेजियन पत्रकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी के सवाल ना लेने पर सार्वजनिक रूप से आलोचना करनी शुरू कर दी। पत्रकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है, जबकि भारत काफी नीचे है।
इसके बाद विदेश मंत्रालय की आधिकारिक ब्रीफिंग में भारतीय अधिकारियों से लोकतंत्र, प्रेस की आजादी और मानवाधिकारों को लेकर कई सवाल पूछे गए। पत्रकार ने पूछा कि दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे और क्या भारतीय सरकार मानवाधिकारों से जुड़े आरोपों पर जवाब देगी। यह भी सवाल उठाए गए कि क्या प्रधानमंत्री मोदी अब मीडिया के कठिन सवालों का जवाब देना शुरू करेंगे। इस पर सिबी जॉर्ज ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत 5 हजार साल पुरानी सभ्यता है और भारत की विलासता का पत्रकार को अंदाजा नहीं है। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, संवैधानिक अधिकारों और कोविड महामारी के दौरान दुनिया की मदद में भारत की भूमिका का जिक्र किया। बहस के दौरान उन्होंने पत्रकार से कहा, “आप सवाल पूछिए। यह मत बताइए कि जवाब किस तरह देना है।”
पत्रकार को जमकर सुनाया
सिबी जॉर्ज ने कहा कि आलोचक अक्सर भारत के पैमाने और जटिलता को समझने में असफल रहते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में अलग-अलग भाषाओं में सैकड़ों न्यूज चैनल काम कर रहे हैं और अगर किसी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन होता है तो उसके लिए संवैधानिक उपाय मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने आजादी के समय से ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दे दिया था, जबकि कई पश्चिमी देशों में महिलाओं को यह अधिकार काफी बाद में मिला। उन्होंने कहा, “हम समानता में विश्वास रखते हैं, हम मानवाधिकारों में विश्वास रखते हैं।”
कौन हैं सिबी जॉर्ज?
सिबी जॉर्ज इस समय विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) के पद पर तैनात हैं। वह यूरोप, पश्चिम एशिया और कई वैश्विक मंचों पर भारत से जुड़े मामलों को संभाल रहे हैं। सिबी जॉर्ज 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। इससे पहले वह जापान, स्विट्जरलैंड, कुवैत, होली सी, लिकटेंस्टीन और मार्शल आइलैंड्स में भारत के राजदूत रह चुके हैं। सिबी जॉर्ज ने अपने राजनयिक करियर की शुरुआत मिस्र की राजधानी काहिरा से की थी। बाद में उन्हें दोहा, इस्लामाबाद और वॉशिंगटन डीसी भी भेजा गया, जहां उन्होंने राजनीतिक, कारोबारी और काउंसलर मामलों को संभाला। वह तेहरान और रियाद में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन भी रहे हैं। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय मुख्यालय में उन्होंने ईस्ट एशिया डिवीजन और इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट से जुड़े काम भी संभाले।
मिल चुके हैं कई अवॉर्ड
केरल के कोट्टायम जिले से आने वाले सिबी जॉर्ज ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन दोनों में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। उन्होंने काहिरा की अमेरिकन यूनिवर्सिटी, आईआईएम अहमदाबाद और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस जैसे संस्थानों में ट्रेनिंग भी ली है। 2014 में उन्हें भारतीय विदेश सेवा में बेहतरीन काम के लिए विदेश मंत्रालय का एस.के. सिंह अवॉर्ड भी मिला था।




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