ईरान संकट पर सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, पर राहुल गांधी नहीं लेंगे हिस्सा; जानें- क्यों?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया संकट पर स्वतंत्र निर्णय लेने के बजाय अमेरिका और इजरायल के प्रभाव में काम करते हैं और किसानों व युवाओं के हित में प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं।

पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा करने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार (25 मार्च) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सूत्रों ने बताया कि यह बैठक बुधवार शाम पांच बजे बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर सकते हैं और विदेश मंत्री एस जयशंकर के भी इसमें मौजूद रहने की उम्मीद है। इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि वह सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि उनका केरल में एक कार्यक्रम पहले तय है।
नेता विपक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा जरूरी है, लेकिन सरकार पहले ही गंभीर गलती कर चुकी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि व्यवस्था का ढांचा ही कमजोर कर दिया गया है, जिसे सुधारने में काफी समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र निर्णय लेने के बजाय अमेरिका और इजरायल के प्रभाव में काम करते हैं और किसानों व युवाओं के हित में प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं।
विपक्ष ने की थी सर्वदलीय बैठक की मांग
बता दें कि विपक्ष ने ही पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वक्तव्य के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग उठाई थी। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल पश्चिम एशिया युद्ध और इसके भारत पर प्रभाव को लेकर सरकार से लगातार सवाल कर रहे हैं। राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़े वर्तमान संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए अधिकार संपन्न सात नये समूहों का गठन किया गया है जो एलपीजी, आवश्यक सेवाओं एवं वस्तुओं की आपूर्ति एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य विषयों का नियमित आकलन कर सुझाव देंगे।
एशिया संकट पर राज्यसभा में पीएम का वक्तव्य
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर राज्यसभा में अपनी ओर से वक्तव्य देते हुए कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है तथा इस युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुए अप्रत्याशित संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है जिससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले विधेयक पर भी चर्चा संभव है और सरकार इस मुद्दे पर सभी दलों का सहयोग चाहती है।




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