तो जल्द थमेगी जंग, आने वाली है गुड न्यूज? मोजतबा खामेनेई ने दी ईरान-US बातचीत को गुप्त मंजूरी
अल अरबिया ने इजरायली अखबार येदिओथ अहरोनोथ के हवाले से बताया कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चुपके से US दूत स्टीव विटकॉफ को बताया है कि सुप्रीम लीडर खामेनेई ने संभावित समझौते तक पहुँचने के लिए बातचीत को मंजूरी दे दी है।

ईरान युद्ध का आज 25वां दिन है। इस बीच इस जंग के खात्मे के आसार बढ़ते नजर आ रहे हैं। दरअसल, अमेरिका ने एक दिन पहले ही ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया था। अब ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका के साथ बातचीत को मंजूरी दे दी है। लेकिन यह मंजूरी गुपचुप तरीके से दी गई है। ऐसा सऊदी अरब की मीडिया ने दावा किया है। सऊदी मीडिया आउटलेट अल अरबिया की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुप्त रूप से अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को सूचित किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत को मंजूरी दे दी है।
अल अरबिया ने मंगलवार को इजरायली अखबार येदिओथ अहरोनोथ के हवाले से बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चुपके से अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को बताया है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने किसी संभावित समझौते तक पहुँचने के लिए बातचीत को मंजूरी दे दी है। हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी वार्ता से इनकार किया है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम पर रहस्य और गहरा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नेतृत्व चाहता है कि उसकी शर्तों के तहत युद्ध को जल्द समाप्त किया जाए। येदिओथ अहरोनोथ ने सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि मोजतबा खामेनेई ईरान की शर्तों के अनुसार युद्ध को जल्दी खत्म करने पर भी सहमत हो गए हैं।
ट्रंप के बयान से बढ़े संकेत
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष को लगभग तीन हफ्ते हो चुके हैं और दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने भी अप्रत्याशित कदम उठाते हुए सोमवार को ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई 48 घंटे की समय-सीमा के बाद सैन्य हमलों को 5 दिनों के लिए टालने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि बातचीत “किसी शीर्ष व्यक्ति” के साथ चल रही है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह ईरान के सर्वोच्च नेता नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया, “चीजें बहुत अच्छी चल रही हैं… और समझौता 5 दिन या उससे पहले भी हो सकता है।”
क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ा है। ऐसे में अगर ये वार्ता सफल होती है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर हो सकती है। हालांकि, इस पूरे मामले में कई विरोधाभास हैं क्योंकि आधिकारिक तौर पर ईरान वार्ता से इनकार कर रहा है, जबकि मीडिया रिपोर्ट्स ‘गुप्त संपर्क’ की बात कर रही हैं। इन सबके बीच, अमेरिका सकारात्मक संकेत दे रहा है। ऐसे में यह साफ नहीं है कि वास्तव में पर्दे के पीछे क्या चल रहा है। फिर भी अगर ये बातचीत आगे बढ़ती है, तो यह न सिर्फ युद्ध को थाम सकती है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा परिदृश्य को भी नया आकार दे सकती है।
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