Pakistan welcomes end of US and Iran war Shehbaz Sharif says want to be the host मान न मान, मैं मेजबान; ईरान युद्ध रोकने को पाक जबरन बनना चाह रहा चौधरी, अब PM कूदे, International Hindi News - Hindustan
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मान न मान, मैं मेजबान; ईरान युद्ध रोकने को पाक जबरन बनना चाह रहा चौधरी, अब PM कूदे

ईरान युद्ध खत्म कराने को लेकर पाकिस्तान जबरन चौधरी बनने पर तुला हुआ है। अब इस मुहिम में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी कूद पड़े हैं। इसको लेकर उन्होंने बयान जारी किया है।

Tue, 24 March 2026 08:48 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान
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मान न मान, मैं मेजबान; ईरान युद्ध रोकने को पाक जबरन बनना चाह रहा चौधरी, अब PM कूदे

ईरान युद्ध खत्म कराने को लेकर पाकिस्तान जबरन चौधरी बनने पर तुला हुआ है। अब इस मुहिम में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी कूद पड़े हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने पर बयान जारी किया है। शरीफ ने कहाकि पाकिस्तान मिडिल ईस्ट में जंग खत्म करने के सभी प्रयासों का पूरी तरह से स्वागत करता है और साथ ही इसमें पूरा सहयोग भी करेगा। पाकिस्तान ने कहाकि क्षेत्रीय और दुनिया की शांति के लिए यह बेहद जरूरी है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आगे कहाकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं।

बातचीत को सुगम बनाने के लिए तैयार
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहाकि उनका देश ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए सार्थक और निर्णायक वार्ता को सुगम बनाने के लिए तैयार है। शरीफ ने पोस्ट में कहाकि अमेरिका और ईरान की सहमति होने पर पाकिस्तान संघर्ष के व्यापक समाधान के लिए सार्थक और निर्णायक वार्ता की मेजबानी करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए तैयार है तथा इसे अपने लिए सम्मान की बात मानता है। पाकिस्तान उन देशों में से एक है जो ईरान और अमेरिका के बीच राजनयिक वार्ता के लिए पैरवी कर रहे हैं।

ईरान के राष्ट्रपति से भी बात कर चुके हैं शरीफ
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की जिसमें पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों की तत्काल जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहाकि शरीफ ने पेजेश्कियान से खाड़ी क्षेत्र में जारी खतरनाक शत्रुता को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की। बयान में कहा गया है कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री ने सभी पड़ोसी देशों के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने, तनाव कम करने और संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

ट्रंप ने क्या कहा था
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा बढ़ा दी है, साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले को अब पांच दिन के लिए टाल देगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी दूत एक सम्मानित ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं और ईरान समझौता करना चाहता है। वहीं, ईरान के अधिकारियों ने ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार किया और कहा कि ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीछे हटने का निर्णय किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका समझौते के तहत ईरान के संवर्धित यूरेनियम को वहां से निकालना और उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना चाहेगा।

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भारत में भड़का हुआ है विपक्ष
इस बीच मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान का नाम आने पर भारत में विपक्ष सरकार पर भड़का हुआ है। कांग्रेस ने अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच मध्यस्थता की पहल से जुड़े देशों में पाकिस्तान के भी शामिल होने संबंधी खबरों को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहाकि युद्ध से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की यात्रा की। इस वजह से भारत मध्यस्थता की स्थिति से उपेक्षित हो गया, जबकि भारत को यह भूमिका निभानी चाहिए थी।

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