रामदास आठवले जी तो सदाबहार हैं; विदाई में PM मोदी के भाषण पर राज्यसभा में गूंजने लगे ठहाके
आठवले पर जब पीएम मोदी ने बात की तो राज्यसभा में ठहाके गूंजने लगे। आठवले की व्यंग्यात्मक शैली की पीएम मोदी ने तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हम सुनते थे कि सदन में बहुत हास्य विनोद का अवसर होता है। लेकिन अब ऐसा कम हो रहा है। फिर भी हमारे आठवले जी ऐसे हैं कि सदाबहार नेता हैं।’

राज्यसभा से रिटायर होने वाले 37 सांसदों की विदाई को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि राज्यसभा में यह पल भावुकता का रहता है। उन्होंने कहा कि हर दो साल में ऐसा अवसर आता है, जब हमारे लिए भावुक क्षण होते हैं। सदन में अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं। कुछ खट्टे मीठे अनुभव भी होते हैं। ऐसा अवसर जब आता है तो स्वाभाविक रूप से दलगत भावना से ऊपर उठकर हमारे भीतर एक समान भाव उत्पन्न होता है। यहां से जो सदस्य विदाई ले रहे हैं, उनमें से कुछ फिर से आएंगे। वहीं कुछ लोग यहां से अनुभव लेकर सामाजिक जीवन में काम करने के लिए जा रहे हैं। मैं यही कहूंगा कि राजनीति में कोई फुल स्टॉप नहीं होता भविष्य आपका इंतजार कर रहा है।
इसके आगे उन्होंने कहा कि आपका योगदान देश को हमेशा मिलता रहेगा। जाने वाले सभी माननीय सांसदों का बहुत ही उत्तम योगदान रहा है। खरगे जी, शरद पवार जी और देवेगौड़ा जी जैसे लोग ऐसे नेता हैं, जिनकी आधी से ज्यादा जिंदगी संसदीय जीवन में ही गुजरी है। ऐसे नेताओं से सभी सांसदों को सीखना चाहिए कि इतने समर्पित भाव से सदन में आना और योगदान देना अहम है। इस दौरान उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और आरपीआई के नेता रामदास आठवले की भी तारीफ की।
खासतौर पर आठवले पर जब पीएम मोदी ने बात की तो राज्यसभा में ठहाके गूंजने लगे। आठवले की व्यंग्यात्मक शैली की पीएम मोदी ने तारीफ की। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी हम सुनते थे कि सदन में बहुत हास्य विनोद का अवसर होता है। लेकिन अब ऐसा कम हो रहा है। फिर भी हमारे आठवले जी ऐसे हैं कि सदाबहार नेता हैं। वह जा रहे हैं, लेकिन उनकी कमी महसूस नहीं होगी। वह फिर से व्यंग्य बिखेरते रहेंगे।' उन्होंने कह कि यह ऐसी व्यवस्था है कि जो नया समूह आता है, उन्हें पहले से बैठे सांसदों से सीखने को मिलता है। इस प्रकार राज्यसभा की विरासत निरंतर चलती रहती है। मुझे पूरा विश्वास है कि जिनको इस बार जाना नहीं है, वे भी नए सांसदों को अपने अनुभव देंगे। उनकी जानकारी सदन को समृद्ध करेगी।
PM मोदी ने हरिवंश की भी तारीफ की, जोड़ लिए हाथ
प्रधानमंत्री ने हरिवंश की भी जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे उपसभापति हरिवंश जी विदाई ले रहे हैं। उन्हें लंबे समय तक उच्च सदन में अपनी जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला है। उन्होंने सदन चलाने में सभी का विश्वास जीतने का प्रयास किया। मैंने देखा है कि संकट के समय ज्यादातर उपसभापति जी के जिम्मे ही आ जाता है कि आप संभाल लेना। सदन का समय जब नहीं होता है। तब भी देश के कोने-कोने में वह जाते हैं और युवाओं को जागरूक करने का काम वह करते हैं। वे कलम के धनी तो हैं ही, कर्म के मामले में भी आगे हैं। पीएम मोदी जब ऐसा बोल रहे थे तो हरिवंश हाथ जोड़ते नजर आए।




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