PM Modi Midnight Meeting Petrol Duty Cut in the Morning The Inside Story Behind the Relief आधी रात को PM मोदी की बैठक, सुबह पेट्रोल पर घटा शुल्क; 10 रुपये की राहत की इनसाइड स्टोरी, India News in Hindi - Hindustan
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आधी रात को PM मोदी की बैठक, सुबह पेट्रोल पर घटा शुल्क; 10 रुपये की राहत की इनसाइड स्टोरी

Petrol Price: वित्त मंत्रालय की तरफ से 26 मार्च को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। जबकि डीजल पर यह शुल्क पहले के 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है।

Fri, 27 March 2026 12:56 PMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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आधी रात को PM मोदी की बैठक, सुबह पेट्रोल पर घटा शुल्क; 10 रुपये की राहत की इनसाइड स्टोरी

भारत सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। इसके चलते तेल कंपनियों को बड़ी राहत के आसार हैं। खबर है कि इसका फैसला देर हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। शुल्क घटने के बाद से तेल कीमतों में कुछ राहत मिलने के आसार हैं। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते ईंधन संकट की अटकलें हैं।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, देर रात आपातकाल बैठक बुलाई गई थी और 10 रुपये प्रति लीटर शुल्क कम करने का फैसला लिया गया था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पीएम मोदी ने हालात की समीक्षा की और अधिकारियों को सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों का असर आम जनता पर न पड़े। इसके कुछ समय बाद ही वित्त मंत्रालय ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की घोषणा कर दी थी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पोस्ट किया, 'पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर घरेलू इस्तेमाल वाले पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इससे ग्राहकों को मूल्य वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।' उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी संसद को भी दे दी है।

कंपनियों को ज्यादा फायदा

वित्त मंत्रालय की तरफ से 26 मार्च को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। जबकि डीजल पर यह शुल्क पहले के 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि शुल्क की कटौती का असर पेट्रोल पंप की कीमतों में दिखने की संभावनाएं कम हैं। इसकी वजह है कि इसका लाभ तेल कंपनियों को मिलेगा।

भारत में ईंधन कंपनियां दबाव में हैं। क्योंकि अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर 28 फरवरी को हमला किए जाने के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम स्थिर बने हुए हैं।

विपक्ष ने लगाए आरोप

कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को सुर्खियां बटोरने और लोगों को मूर्ख बनाने के बजाय उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत देना चाहिए। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने पोस्ट किया, 'अगर आपने पेट्रोल और डीजल की कीमतें 'कम होने' की सुर्खियां देखीं और सोचा कि सरकार ने आपकी जेब को राहत दी है तो आप गलत हैं। फिलहाल, डीलरों और उपभोक्ताओं के लिए कीमतें समान हैं।'

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कांग्रेस नेता ने कहा, 'पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल विपणन कंपनियां घाटा झेल रही हैं। सरकार अब केवल उस बोझ का एक छोटा सा हिस्सा साझा करने पर सहमत हुई है, लेकिन 'विशेष अतिरिक्त' शुल्क को कम कर रही है, वह भी लगभग एक महीने बाद।'उन्होंने उपभोक्ताओं के लिए राहत सिर्फ कहानियों में है, वास्तविकता में नहीं है।