पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला, फिर भी तेल कंपनियों के शेयर धड़ाम
केंद्र सरकार की तरफ से बड़ी राहत दिए जाने के बाद भी तेल कंपनियों के शेयर लुढ़क गए हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के शेयर शुक्रवार को 2% तक टूट गए हैं।

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल को लेकर बड़ा फैसला किया है। यह फैसला पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी से जुड़ा है। केंद्र ने पेट्रोल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल से यह ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, सरकार की तरफ से यह बड़ी राहत दिए जाने के बाद भी तेल कंपनियों के शेयर लुढ़क गए हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर शुक्रवार को 2 पर्सेंट तक टूट गए हैं।
तेल कंपनियों के शेयरों का हाल
इस राहत भरे फैसले के बाद भी शेयर बाजार के हाहाकार के बीच इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के शेयर 2 पर्सेंट से ज्यादा लुढ़ककर 137.70 रुपये पर जा पहुंचे हैं। पिछले एक महीने में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के शेयर 26 पर्सेंट से अधिक लुढ़क गए हैं। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर भी शुक्रवार को गिरावट के साथ 340.35 रुपये पर पहुंच गए हैं। पिछले एक महीने में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के शेयरों में 22 पर्सेंट से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के शेयर भी शुक्रवार को लुढ़कते हुए 281.45 रुपये पर पहुंच गए हैं। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के शेयर पिछले एक महीने में करीब 27 पर्सेंट टूट गए हैं।
पहले कितनी थी स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी
सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, पहले पेट्रोल पर प्रति लीटर 13 रुपये की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लगती थी। वहीं, डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को भी 10 रुपये घटाया गया है। इस कटौती के साथ ही डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी खत्म हो गई है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मिनिस्टर हरदीप पुरी ने एक्स पर लिखा है, 'सरकार ने अपने टैक्सेशन रेवेन्यू पर बड़ा झटका यह सुनिश्चित करने के लिए लिया है कि ऐसे समय में जब इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम काफी ज्यादा हैं, ऑयल कंपनियों को होने वाला तगड़ा नुकसान कम हो।' ऑयल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 24 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 30 रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में यह कटौती ऐसे समय में की है, जब क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम और सप्लाई बाधित होने की वजह से दबाव का सामना करना पड़ रहा है।




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