अग्रिम जमानत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट पहुंचे पवन खेड़ा, समर्थन में उतरीं प्रियंका वाड्रा
हाई कोर्ट में दायर अर्जी में खेड़ा ने अपना आवासीय पता हैदराबाद में बताया है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि गिरफ्तारी की स्थिति को देखते हुए उन्हें अग्रिम जमानत पर रिहा कर दिया जाए। यह याचिका सात अप्रैल को दायर की गई थी।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार के खिलाफ हाल ही में लगाए गए आरोपों से जुड़े मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के मामले में असम पुलिस द्वारा दर्ज केस में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग करते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया है। हाई कोर्ट में दायर अर्जी में खेड़ा ने अपना आवासीय पता हैदराबाद में बताया है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि गिरफ्तारी की स्थिति को देखते हुए उन्हें अग्रिम जमानत पर रिहा कर दिया जाए। यह याचिका सात अप्रैल को दायर की गई थी। गुरुवार यानी नौ अप्रैल को उसपर सुनवाई होगी।
खेड़ा ने याचिका में गुवाहाटी अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त थाने और तेलंगाना सरकार को प्रतिवादी बनाया है। गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में खेड़ा के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिनमें 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35 (शरीर और संपत्ति की निजी रक्षा का अधिकार) और 318 (धोखाधड़ी) भी शामिल हैं।
खेड़ा के समर्थन में आईं प्रियंका
इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पवन खेड़ा के समर्थन में उतर आई हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा उनपर (खेड़ा पर) किया गया ''शर्मनाक'' हमला सत्तारूढ़ दल के अहंकार और अपराध बोध को दर्शाता है। प्रियंका ने यह भी कहा कि संविधान में विश्वास करने वाला प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता और भारतीय नागरिक खेड़ा के साथ खड़ा है, क्योंकि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा उन्हें निशाना बना रहे हैं। प्रियंका ने यह दावा किया कि शर्मा ने शासन करने का अपना नैतिक अधिकार खो दिया है।
मुख्यमंत्री द्वारा उनका पीछा किया जा रहा
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''हर कांग्रेसी व्यक्ति, वास्तव में हर भारतीय जो हमारे संविधान में विश्वास करता है और समझता है कि सवाल उठाना और सत्ता को चुनौती देना एक मजबूत लोकतंत्र का आधार है, खेड़ा के साथ खड़ा है, क्योंकि उनके घर में (पुलिस द्वारा) तलाशी ली गई है और एक ऐसे मुख्यमंत्री द्वारा उनका पीछा किया जा रहा है जो शासन करने का नैतिक अधिकार खो चुका है।"
खेड़ा ने क्या आरोप लगाए थे?
कांग्रेस नेता ने पांच अप्रैल को आरोप लगाया था कि शर्मा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति हैं, जिसे मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में घोषित नहीं किया गया है। इसके बाद असम पुलिस की एक टीम मंगलवार को दिल्ली में खेड़ा के आवास पर उनसे पूछताछ के लिए पहुंची थी और तलाशी ली। खेड़ा के वकील पोन्नम अशोक गौड़ ने बताया कि अग्रिम जमानत इसलिए मांगी गई है क्योंकि शीर्ष अदालत के आदेशानुसार प्राथमिकी की प्रति पुलिस वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई है तथा दिल्ली में खेड़ा के घर की तलाशी उनकी गिरफ्तारी के इरादे से ली गई थी।
मंगलवार को शर्मा ने कांग्रेस पर उन दस्तावेजों की 'सत्यापन न करने' का आरोप लगाया, जिनके आधार पर उसने उन पर और उनके परिवार पर आरोप लगाए थे। असम के मुख्यमंत्री ने भी दावा किया था कि खेड़ा हैदराबाद भाग गये हैं, लेकिन असम पुलिस उन्हें 'पाताल' से भी ढूंढ निकालेगी।




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