पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड, हिमंत विश्व शर्मा बोले- वह हैदराबाद भाग गया है
पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर असम पुलिस ने छापेमारी की है। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के फर्जी पासपोर्ट विवाद के आरोपों के बाद यह कार्रवाई हुई है।

9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले असम में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। मंगलवार, 7 अप्रैल को असम पुलिस की एक टीम ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित निजामुद्दीन ईस्ट आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एक एफआईआर के आधार पर की गई है। खेड़ा ने हाल ही में रिंकी भुइयां पर तीन देशों के पासपोर्ट रखने और विदेशों में बेहिसाब संपत्ति होने के गंभीर आरोप लगाए थे।
अरेस्ट करने आई थी पुलिस?
सूत्रों के मुताबिक, टीम पवन खेड़ा से पूछताछ करने और जरूरी दस्तावेज जब्त करने पहुंची है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि टीम अरेस्ट करने भी आई थी, लेकिन खेड़ा के अनुपस्थित होने के कारण फिलहाल केवल तलाशी ही जारी है। खेड़ा ने आरोप लगाया था कि हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी के पास मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और एंटिगुआ एंड बारबुडा जैसे तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। साथ ही, दुबई में हाई-एंड प्रॉपर्टी और अमेरिका में कई लाख करोड़ रुपये के निवेश का भी आरोप लगाया। खेड़ा ने कहा था कि ये दस्तावेज विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से मिले हैं और कांग्रेस जल्द ही और सबूत पेश करेगी। ये आरोप असम विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच लगाए गए हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पुलिस रेड को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा, 'वह कल गुवाहाटी से भाग गया। मुझे मीडिया के जरिए पता चला है कि पुलिस उसके दिल्ली स्थित आवास पर गई थी, लेकिन वह हैदराबाद भाग गया है। कानून अपना काम करेगा।'
सोमवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री हिमंत शर्मा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ सख्त कदम उठाने की कसम खाई। उन्होंने कहा- मैं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई करूंगा, बस कुछ दिन इंतजार करें। हम आगामी चुनावों में कम से कम 100 सीटें जीतेंगे।
सीएम का आरोपों से इनकार
असम सीएम ने इन आरोपों को फर्जी, AI-फोटोशॉप्ड और पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से लिए गए बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव में बाधा डालने के लिए ये झूठ फैला रही है। सीएम ने चेतावनी दी कि उनकी पत्नी के साथ मिलकर वे क्रिमिनल और सिविल डिफेमेशन का केस दायर करेंगे। सीएम शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने जो भी पासपोर्ट और दस्तावेज दिखाए हैं, वे 'पाकिस्तानीज इन अजमान' नामक एक सोशल मीडिया/फेसबुक ग्रुप से उठाए गए हैं। किसी पाकिस्तानी व्यक्ति के खोए हुए पासपोर्ट पर फोटोशॉप के जरिए छेड़छाड़ की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि असम पुलिस ने राजनयिक चैनलों और दुबई सरकार की वेबसाइट के जरिए पुष्टि की है कि यूएई का पासपोर्ट पूरी तरह से फर्जी है। सीएम ने दस्तावेजों में अमान्य QR कोड, गलत एक्सपायरी डेट्स और 'Egyptiann' जैसी स्पेलिंग मिस्टेक्स की तरफ भी इशारा किया।
9 अप्रैल को मतदान होना है
असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है और आज शाम चुनाव प्रचार थम रहा है। ठीक इसी समय हुई इस छापेमारी ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। कांग्रेस इस मामले को ईडी (ED) और चुनाव आयोग तक ले जाने की तैयारी में है। पार्टी की मांग है कि संपत्ति छिपाने के आरोप में सीएम की उम्मीदवारी रद्द की जाए। बीजेपी का कहना है कि यह चुनाव से ठीक पहले एक अंतरराष्ट्रीय प्रोपगैंडा है, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े चैनलों का इस्तेमाल करके छवि खराब करने की कोशिश की गई है।




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