राहुल गांधी भी लपेटे जाएंगे? पवन खेड़ा के खिलाफ असम पुलिस की FIR में क्या आरोप
असम पुलिस ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि और जालसाजी सहित BNS की 14 धाराओं में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई असम CM की पत्नी रिनिकी भुइयां की शिकायत पर 'तीन पासपोर्ट' और विदेशी संपत्ति के दावों को लेकर की गई है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ असम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 14 धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इन धाराओं में मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। यह कार्रवाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी रिनिकी भुइयां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी है कि उन्हें भी इस केस में शामिल किया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद रविवार को पवन खेड़ा द्वारा की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ। इस दौरान खेड़ा ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं। इसके साथ ही, खेड़ा ने कुछ दस्तावेजों की तस्वीरें शेयर करते हुए आरोप लगाया था कि:
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रिनिकी भुइयां के नाम पर संपत्तियां हैं।
- संयुक्त राज्य अमेरिका (US) में उनके नाम से एक कंपनी पंजीकृत है।
खेड़ा का दावा था कि मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने चुनावी हलफनामे में इन संपत्तियों और जानकारियों का कोई खुलासा नहीं किया है।
पुलिस की कार्रवाई
इन दावों के तुरंत बाद, रिनिकी भुइयां ने पवन खेड़ा के खिलाफ असम पुलिस की क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज होने के बाद, असम पुलिस की एक टीम मंगलवार को पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर भी पहुंची।
FIR में किन धाराओं और आरोपों का जिक्र है?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस एफआईआर में पवन खेड़ा और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें मुख्य रूप से ये आरोप शामिल हैं:
- चुनाव के संबंध में झूठे बयान देना
- धोखाधड़ी और जालसाजी
- आपराधिक धमकी देना
- शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना और ऐसे बयान देना
- मानहानि और आपराधिक साजिश रचना
रिनिकी भुइयां का क्या कहना है?
रिनिकी भुइयां ने एफआईआर का आधार बनी अपनी शिकायत में खेड़ा के सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। उन्होंने इन दावों को झूठा, मनगढ़ंत, निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया है। शिकायत में मुख्य रूप से ये बातें कही गई हैं:
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन पासपोर्ट, नागरिकता, संपत्तियों या दस्तावेजों का जिक्र किया जा रहा है, उनका कोई अस्तित्व नहीं है। न ही कभी उनके नाम पर इनके लिए आवेदन किया गया है और न ही उन्हें ऐसे कोई दस्तावेज जारी किए गए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि इन आरोपों का तरीका, भाषा, समय और प्रस्तुतीकरण स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इन्हें जानबूझकर, आपराधिक मंशा और इसके गंभीर परिणामों की पूरी जानकारी के साथ लगाया गया था। इसका उद्देश्य शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा, गरिमा, सुरक्षा और उनके पति की राजनीतिक संभावनाओं को नुकसान पहुंचाना है।
शिकायत में यह भी रेखांकित किया गया है कि खेड़ा का यह आचरण संरक्षित राजनीतिक आलोचना के दायरे में नहीं आता है। यह एक निजी व्यक्ति के खिलाफ बिना किसी कानूनी सबूत या आधार के सार्वजनिक डोमेन में गंभीर, अवैध और अनैतिक आचरण का झूठा आरोप लगाने का मामला है।
शिकायत के अंत में कहा गया है कि इन आरोपों को एक सुनियोजित प्रचार अभियान के तहत फैलाया गया है ताकि जनता के बीच इसे ज्यादा से ज्यादा फैलाकर छवि को अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके।
पाताल से भी ढूंढ़ निकालेगी असम पुलिस- हिमंत शर्मा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने उन दस्तावेजों की 'जांच नहीं की', जिनके आधार पर उनके परिवार पर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रविवार को आरोप लगाया था कि शर्मा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति है, जिनका मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में जिक्र नहीं किया गया।
शर्मा ने कहा कि खेड़ा हैदराबाद 'भाग गए' हैं, लेकिन असम पुलिस उन्हें 'पाताल से भी ढूंढ़ निकालेगी।' उन्होंने कहा, 'असम पुलिस को नहीं जानते हैं... पाताल से भी उखाड़ के ले आएगा।' इससे पहले, असम पुलिस की एक टीम आज खेड़ा से पूछताछ करने के लिए उनके दिल्ली स्थित आवास पहुंची। शर्मा ने कहा, 'उन्होंने (खेड़ा) मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं।'
राहुल गांधी तक जाएगी आंच?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि राहुल गांधी ने ये दस्तावेज खेड़ा को दिए थे, और अगर ऐसा है, तो इस मामले में गांधी भी शामिल किए जाएंगे।' आरोपों की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराए जाने संबंधी खरगे की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने चुनाव प्रचार से इतर पत्रकारों से कहा, 'अगर उन्हें (खरगे) सच नहीं पता था, तो उन्होंने यह सार्वजनिक तौर पर क्यों बोला? उन्हें पहले विदेश मंत्री से पूछना चाहिए था।' शर्मा ने कहा, 'खरगे की उम्र बढ़ रही है और वह किसी 'पागल' की तरह बोल रहे हैं। आप पहले लोगों का अपमान करते हैं और फिर कहते हैं कि विदेश मंत्री (सत्यापन के लिए) से पूछेंगे? क्या वे आपके 'दामाद' हैं।'




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