One call from PM Modi and Iran war will end former UAE ambassador makes a major statement पीएम मोदी का एक फोन और खत्म हो जाएगा ईरान युद्ध; UAE के पूर्व राजदूत का बड़ा बयान, India News in Hindi - Hindustan
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पीएम मोदी का एक फोन और खत्म हो जाएगा ईरान युद्ध; UAE के पूर्व राजदूत का बड़ा बयान

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच यूएई के पूर्व राजदूत ने भारत को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इन सभी देशों में पीएम मोदी का काफी ज्यादा सम्मान है। वह अगर एक फोन ईरान और इजरायल के नेताओं को कर दें, तो यह तनाव काफी हद तक कम हो जाएगा, यह युद्ध खत्म हो जाएगा।

Mon, 9 March 2026 08:07 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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पीएम मोदी का एक फोन और खत्म हो जाएगा ईरान युद्ध; UAE के पूर्व राजदूत का बड़ा बयान

पश्चिम एशिया में जारी जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डालना शुरू कर दिया है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से भारत समेत दुनिया के तमाम देशों को अपनी ऊर्जा आपूर्ति की चिंता सताने लगी है। दूसरी तरफ, क्षेत्र में मौजूद देश भी लगातार असुरक्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं। ऐसे में भारत में यूएई के पूर्व राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने कहा कि पीएम मोदी अगर ईरान और इजरायल में बैठे अपने समकक्षों से बात करते हैं, तो उनका एक फोन कॉल इस मुद्दे को हल करवा सकता है।

एनडीटीवी के साथ बातचीत में मिर्जा ने इस युद्ध की वजह से यूएई की परेशानी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात नहीं चाहता कि यह युद्ध ज्यादा लंबा खिंचे और न ही वह अपने क्षेत्र का इस्तेमाल किसी तरह के हमले के लिए होने देगा। मिर्जा ने कहा, “सच कहूं तो मुझे समझ नहीं आता कि हम इसमें क्यों शामिल हों। यूएई के इसमें शामिल होने का कोई कारण नहीं है।”

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बकौल मिर्जा, अबू धाबी ईरान और इजरायल दोनों का साझेदार है, यह दोनों के बीच फिर से संबंध स्थापित करवा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यूएई के राष्ट्रपति से बातचीत का जिक्र करते हुए मिर्जा ने कहा कि पीएम मोदी का सम्मान न केवल खाड़ी देशों में है,बल्कि पूरे क्षेत्र के आम लोगों के बीच में भी है। उन्होंने कहा, "मोदी का ईरान और इजरायल में अपने समकक्षों को एक फोन कॉल इस समस्या को हल कर सकता है, इस मुद्दे को खत्म कर सकता है। सिर्फ एक फोन कॉल। यह विश्वास पीएम मोदी की दोनों नेताओं के साथ मजबूत प्रतिष्ठा पर आधारित है, जो इस समय उस युद्ध में लड़ रहे हैं।"

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गौरतलब है कि पश्चिम एशिया के युद्ध पर तमाम बयानबाजी के बीच भी शांति का संकेत सामने नहीं आ रहे हैं। दोनों तरफ से एक-दूसरे के ऊपर लगातार हमले किए जा रहे हैं। साइप्रस में तुर्किए ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट कर दिए हैं, तो वहीं हिंद महासागर में ईरानी पोत के डूबने के बाद तेहरान के नौसैनिक श्रीलंका और भारत में शरण लिए हुए हैं। यह स्थिति इस युद्ध के बढ़ते क्षेत्र को प्रदर्शित करती है।

यूएई के पूर्व राजदूत की तरफ से कही गई यह बात अतिश्योक्ति प्रतीत होती है, क्योंकि भारत की तरफ से लगातार दोनों देशों संयम बरतने की अपील की जा रही है। अमेरिका और इजरायल के इस युद्ध में अपने हित हैं और ईरान की इस्लामिक सत्ता के लिए यह युद्ध अस्तित्व बचाने का युद्ध है। ऐसे में अमेरिका द्वारा किए जा रहे हमलों और ईरान की तरफ से किए जा रहे पलटवार को देखते हुए इस युद्ध के लंबा खिंचने की आशंका बढ़ गई है।

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