अवैध घुसपैठियों पर कहर बनकर टूटे शुभेंदु अधिकारी के मंत्री, बोले- नहीं मिलेगा कोई सरकारी लाभ
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार लगातार ऐक्शन में है। राज्य के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तिनिया ने ऐलान किया है कि जिन लोगों के नाम SIR में कट गए हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन ऐसे लोगों को CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा।

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की नई नवेली शुभेंदु अधिकारी सरकार लगातार ऐक्शन में है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर शुरुआत से ही स्थिति को साफ करने वाली भाजपा सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सुविधाओं का लाभ केवल भारतीय लोगों के लिए है। घुसपैठियों को किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं लिया जाने दिया जाएगा। हालांकि, इसके साथ ही उन लोगों को भी राहत दी गई है, जिनके नाम SIR के तहत काट दिए गए हैं, लेकिन उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है।
उत्तर 24 परगना में मीडिया से बात करते हुए पश्चिम बंगाल में खाद्य एवं सहकारिता मंत्री अशोक कीर्तानिया ने स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "अगर किसी का एसआईआर में नाम हट भी गया है, तब भी उसे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे लोग सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसा करने पर उन्हें सभी सरकारी सुविधाएं मिलती रहेंगी। उनका राशन बंद नहीं होगा।"
गौरतलब है कि सीएए के तहत 31 दिसंबर 2014 तक भारत में आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता लेने अधिकार है। आम तौर पर भारत की नागरिकता लेनेके लिए 11 साल भारत में रहना जरूरी है, लेकिन सीएए के तहत इसे केवल 5 साल कर दिया गया है।
अवैध राशनकार्ड जारी करने वालों की जांच जारी: शुभेंदु के मंत्री
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार द्वारा किए गए कामों को एक-एक करके जांच रही शुभेंदु सरकार ने अब राशन कार्ड को लेकर भी अपना काम शुरू कर दिया है। मंत्री अशोक कीर्तिनिया ने कहा कि वह अपने विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार विभाग को पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम अवैध रूप से राशन कार्ड बनाने वाले भ्रष्ट सिंडिकेट को खत्म करेंगे। कई लोग फॉर्म-10 भरकर राशन कार्ड को पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। अब यह नहीं चलेगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि भाजपा लगातार यह आरोप लगाती रही है कि ममता बनर्जी अपना वोट बैंक बनाने के लिए बांग्लादेश से आने वाले लोगों को सपोर्ट करती हैं। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के ऊपर भी बांग्लादेशी नागरिकों की मदद करने और उनके फर्जी भारतीय कागजात बनाने का आरोप लगता रहा है। अभी हाल ही में राज्य के एक टीएमसी कार्यालय में 100 से ज्यादा की फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं।




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