संयुक्त सचिव और उससे उच्च पदों पर कितने SC/ST? संसद में सरकार ने खड़े किए हाथ, बोली - डेटा नहीं
लोकसभा में केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री ने कहा कि आरक्षण नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए Department of Personnel and Training (DoPT) ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी किए हैं।

केंद्र ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि सरकार में संयुक्त सचिव स्तर और उससे ऊपर के पदों पर तैनात अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) के कम प्रतिनिधित्व से संबंधित कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सरकारी नीति के अनुसार, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को 'ग्रुप ए' के सबसे निचले स्तर तक पदोन्नति में क्रमशः 15 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है।
यह प्रश्न पूछा गया था कि क्या संयुक्त सचिव स्तर और उससे ऊपर के पदों पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का प्रतिनिधित्व कम है? इस प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा, ''इस संबंध में कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।'' सिंह ने बताया कि आरक्षण नीतियों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने सभी मंत्रालयों/विभागों और उनके अधीन संगठनों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से संबंधित मामलों के लिए कम से कम अवर सचिव रैंक के एक अधिकारी को संपर्क अधिकारी के रूप में नामित करें।
कोई आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं
मंत्री ने कहा, "मिनिस्ट्री/डिपार्टमेंट को लायज़न ऑफिसर के सीधे कंट्रोल में एक रिज़र्वेशन सेल भी बनाना होगा ताकि उसे अपने काम को अच्छे से करने में मदद मिल सके। मिनिस्ट्री/डिपार्टमेंट को DPCs काफी पहले बुलाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं ताकि खाली जगहों को समय पर भरा जा सके।" उन्होंने आगे कहा कि मिनिस्ट्री/डिपार्टमेंट के पास मौजूद डेटा के मुताबिक, 1 जनवरी, 2025 तक SC और ST का कुल प्रतिनिधित्व क्रम से 15 फीसदी और 7.5 फीसदी से ज़्यादा है। हालांकि संयुक्त सचिव और उससे ऊपर के पदों पर उनकी वास्तविक भागीदारी कितनी है, इसका अलग से कोई आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं है।




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