Opposition should not teach decorum to Om Birla, only speaker who has left his seat since No Confidence Motion Amit Shah बिरला को विपक्ष मर्यादा न सिखाए, अकेले ऐसे स्पीकर, जो पहले दिन से ही आसन छोड़ बैठे हैं:अमित शाह, India News in Hindi - Hindustan
More

बिरला को विपक्ष मर्यादा न सिखाए, अकेले ऐसे स्पीकर, जो पहले दिन से ही आसन छोड़ बैठे हैं:अमित शाह

शाह ने अपने भाषण में स्पीकर ओम बिरला की तारीफ भी की और कहा कि विपक्ष ओम बिरला को मर्यादा न सिखाए, वह अकेले ऐसे स्पीकर हैं, जो पहले दिन से ही आसन छोड़कर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि ओम बिरला की प्रशंसा करनी चाहिए।

Wed, 11 March 2026 06:00 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
बिरला को विपक्ष मर्यादा न सिखाए, अकेले ऐसे स्पीकर, जो पहले दिन से ही आसन छोड़ बैठे हैं:अमित शाह

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए लोकसभा में बुधवार (11 मार्च को) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर निशाना साधा है और कहा है कि स्पीकर के खिलाफ विपक्ष का यह प्रस्ताव अफसोसनाक घटना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल उठाया है, जबकि वह न सिर्फ इस सदन के अभिभावक हैं बल्कि इस सदन के सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक भी हैं।

शाह ने अपने भाषण में स्पीकर ओम बिरला की तारीफ भी की और कहा कि विपक्ष ओम बिरला को मर्यादा न सिखाए, वह अकेले ऐसे स्पीकर हैं, जो पहले दिन से ही आसन छोड़कर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि ओम बिरला की प्रशंसा करनी चाहिए। शाह ने कहा कि स्पीकर को संविधान में संरक्षण दिया गया है क्योंकि वह सभी के स्पीकर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि स्पीकर जब चुने गए थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों नेता उन्हें आसन तक लेकर गए थे। शाह ने कहा कि स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, लेकिन यह संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक पल है कि स्पीकर की निष्ठा पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।

नियम के विपरीत बोलने का अधिकार नहीं

उन्होंने सदन में विपक्ष के संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि किसी को भी नियम के विपरीत बोलने का अधिकार नहीं है। गृह मंत्री ने कहा, ''अध्यक्ष के फैसले पर असहमति हो सकती है, लेकिन उनका निर्णय अंतिम होता है।'' उन्होंने कहा कि विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल उठाया है। गृह मंत्री ने कहा, ''जब सदन के मुखिया की निष्ठा पर सवाल उठाया जाता है तो दुनिया में भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की साख पर सवाल खड़े हो जाते हैं।''

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:शशि थरूर जैसे लोग कुछ सिखाते क्यों नहीं; राहुल गांधी पर अमित शाह ने कसे तीखे तंज
ये भी पढ़ें:2026 चल रहा, लेकिन विपक्ष ने 2025 लिख दिया, अविश्वास प्रस्ताव पर अमित शाह
ये भी पढ़ें:LIVE: इमरजेंसी नहीं है भैया… लोकसभा में अमित शाह का विपक्ष पर जोरदार हमला

शाह ने कहा कि बजट सत्र के पिछले चरण में लोकसभा अध्यक्ष के चैम्बर में ऐसा माहौल खड़ा किया गया कि अध्यक्ष की सुरक्षा की चिंता पैदा हो गई थी। उन्होंने कहा कि अगर सदन के नियमों के खिलाफ कोई बोलता है तो लोकसभा अध्यक्ष को उसे रोकने और बाहर निकालने का अधिकार है।

फिर बोलेंगे कि हमको बोलने नहीं दिया जाता

शाह ने कहा कि इस प्रस्ताव पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और 119 सदस्यों ने नोटिस दिया। यह साल 2026 चल रहा है लेकिन प्रस्ताव पर 2025 लिख दिया, संकल्प ही संलग्न नहीं किया। इनको लगा होगा कि स्पीकर रिजेक्ट कर देंगे। उनके ध्यान में लाया गया तब संकल्प वापस लिया और दूसरा दिया। उस पर भी गौरव गोगोई के ही वास्तविक हस्ताक्षर थे। यहां फोटोकॉपी नहीं चलती है। शाह ने कहा कि विपक्षी दलों के पास इतनी भी गंभीरता नहीं है कि नोटिस नियमों के अनुसार लाएं। उन्होंने कहा कि यह सदन नियमों से चलेगा, किसी पार्टी के नियमों से नहीं। साह ने तंज कसा कि दूसरी बार भी इनको मौका दिया गया कि सुधार लो। चार दशक के बाद जिस नियम का उपयोग करके प्रस्ताव आया, वह नियम के अनुसार ही नहीं है। ये नियम मानते ही नहीं हैं और फिर बोलेंगे कि हमको बोलने नहीं दिया जाता।