amit shah takes jibe on rahul gandhi during debate on impeach motion against om birla शशि थरूर जैसे लोग कुछ सिखाते क्यों नहीं; राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा तंज, अविश्वास प्रस्ताव पर चलाए बाण, India News in Hindi - Hindustan
More

शशि थरूर जैसे लोग कुछ सिखाते क्यों नहीं; राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा तंज, अविश्वास प्रस्ताव पर चलाए बाण

अमित शाह ने राहुल गांधी पर बिना नाम लिए ही तीखे तंज कसे। उन्होंने कहा कि यहां शशि थरूर और बालू जैसे सीनियर सांसद बैठे हैं। आखिर आप लोग इन्हें कुछ सिखाते क्यों नहीं हैं। उन्होंने कहा कि स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव का मतलब है कि आप उनके पद पर ही सवाल उठा रहे हैं। 

Wed, 11 March 2026 05:31 PMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
शशि थरूर जैसे लोग कुछ सिखाते क्यों नहीं; राहुल गांधी पर अमित शाह का तीखा तंज, अविश्वास प्रस्ताव पर चलाए बाण

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के अविश्वास प्रस्ताव पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने तीखा हमला बोला। उन्होंने इस दौरान राहुल गांधी पर बिना नाम लिए ही चुन-चुनकर हमले किए। उन्होंने कहा कि इस सदन में शशि थरूर जैसे सीनियर लोग बैठे हैं। आखिर आप इन्हें कुछ सिखाते क्यों नहीं हैं? अमित शाह ने कहा कि आपके अधिकारों का संरक्षण हो सकता है, लेकिन विशेषाधिकारों के मुगालते में जीना तो गलत है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने स्पीकर के पद पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने कहा कि आप जिस स्पीकर के संरक्षण से बात करते हैं, यदि उस पर ही सवाल उठा देंगे तो फिर कामकाज कैसे होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बड़े बदलाव आए हैं। हमने अपनी राजनीतिक यात्रा का ज्यादातर समय विपक्ष में ही गुजारा है।'

अमित शाह ने कहा कि लोकसभा स्पीकरों पर तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया, लेकिन भाजपा ने कभी भी ऐसा नहीं किया। हमने रचनात्मक विपक्ष के रूप में काम किया है। हमने हमेशा स्पीकर के पद की गरिमा रखी है। उसका संरक्षण किया है। अमित शाह ने कहा, 'हमारे सदनों की साख पर विपक्ष ने सवालिया निशाना लगाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी जैसे दल इतिहास में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। अध्यक्ष का पहला कर्तव्य होता है कि व्यवस्था और शिष्टाचार को बनाए रखे। दूसरा कर्तव्य है कि सभी को मौका देना और न्यायपूर्ण बर्ताव करना। यदि वह शिष्टाचार ही नहीं बनाए रख पाएगा तो वह अपना प्राथमिक कर्तव्य ही पूरा नहीं कर सकेगा।'

'कोई भी कुछ भी बोलेगा तो बिठाने में क्या बुराई है'

होम मिनिस्टर ने कहा, ‘अब कोई भी व्यक्ति खड़ा हो जाएगा और कुछ भी बोलेगा तो उसे बिठाने में कोई बुराई नहीं है। आज यदि मैं स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव पर बोल रहा हूं तो माओवाद देश से समाप्त हो रहा है। इस पर बात नहीं कर सकता। ऐसा करने पर मुझे आप बिठा देंगे तो कुछ गलत नहीं होगा। इस सदन में शशि थरूर और टीआर बालू जैसे सीनियर बैठे हैं। आखिर आप इन्हें सिखाते क्यों नहीं है। कोई भी मेंबर बोलता है तो स्पीकर को संबोधित करता है। लोकसभा स्पीकर के माध्यम से ही विपक्ष और सत्ता पक्ष एक-दूसरे पर बात करते हैं।’

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:राहुल तो जलेबी की फैक्ट्री लगाते हैं और तपस्या से गर्मी लाते हैं; संसद में बहस

'आप ऐक्टिविस्ट हो सकते हैं, पर सदन इसके लिए नहीं है'

उन्होंने सदन के संचालन को लेकर नियम भी गिनाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा के नियम 374 में स्पीकर को अधिकार है कि वह अनुशासनहीनता और गलत बर्ताव की स्थिति में चेतावनी दे सकता है और निलंबित भी कर सकता है। मुझे लगता है कि सभी इस पर सहमति जताएंगे कि वेल में आएं और कागज फाड़कर स्पीकर पर फेकेंगे तो क्या करना चाहिए। किसी के सलाहकार ऐक्टिविस्ट हो सकते हैं और आंदोलनकारी हो सकते हैं, लेकिन सदन में तो नियमों से ही चलना होगा। गंभीर अव्यवस्था की स्थिति में नियम 375 के तहत सदन को स्थगित करने का अधिकार स्पीकर के पास है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:LIVE: स्पीकर पर अविश्वास देश को बदनाम करता है... लोकसभा में अमित शाह
ये भी पढ़ें:नीतीश कुमार इंग्लैंड चले जाएं... क्यों बोले प्रशांत ? मोदी, शाह पर भी तंज
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।